झारखंड के रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में JPSC-JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर छात्र लगातार 12 दिन से आंदोलन कर रहे हैं. छात्रों के समर्थन में 2 अगस्त से झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा(JLKM) के केंद्रीय उपाध्यक्ष देवेन्द्रनाथ महतो ने भूख हड़ताल का ऐलान किया और आमरण अनशन पर बैठ गए. उन्होंने शर्त रखी थी कि वे अपना अनशन तभी तोड़ेंगे जब सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक खुद रांची आकर उनसे मिलेंगे. लेकिन इसी बीच प्रदर्शन में नया मोड़ आया है. सोनम वांगचुक ने देवेन्द्रनाथ महतो से वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत की और उनसे अनुरोध किया वे अपनी सेहत की भलाई के लिए कम से कम शहद और पानी जरूर पीएं. देवेन्द्रनाथ ने उनके आग्रह को मान लिया और पानी पी लिया.
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सोनम वांगचुक और देवेन्द्रनाथ महतो के बीच क्या हुई बातचीत?
फोन पर बातचीत के दौरान देवेन्द्रनाथ महतो से सोनम वांगचुक से कहा कि, मैं आपका बहुत सम्मान करता हूं और चाहता हूं की आप रांची आएं. उन्होंने यह भी कहा कि वे वांगचुक के सामने ही जल ग्रहण करें. इस पर वांगचुक ने महतो को आश्वासन दिया कि वे प्रदर्शन का समर्थन भी करेंगे और रांची भी जरूर आएंगे. वांगचुक ने महतो को यह भी समझाया कि अगर वे पानी और नमक नहीं लेंगे तो ज्यादा लंबे समय तक नहीं टिक पाएंगे. साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि अनशन का मकसद खुद को नुकसान पहुंचाना नहीं बल्कि गहरी नींद में सोई सरकार को जगाना है.
'जब तक मांगे पूरी नहीं होती, भोजन नहीं ग्रहण करूंगा'
सोनम वांगचुक के साथ बातचीत के बाद देवेन्द्रनाथ महतो ने मीडिया से कहा कि, 'सोनम वांगचुक सर ने हमारे आंदोलन का समर्थन कर मनोबल बढ़ाया है. अब हम सरकार को पीछे छोड़ेंगे. मेरी तबीयत ठीक नहीं थी और इसलिए उनके आग्रह करने पर मैंने जल ग्रहण कर लिया है.' उन्होंने आगे बताया कि, मैंने सोनम वांगचुक सर को कहा कि जिस प्रकार आपने जंतर-मंतर पर सपोर्ट किया, ठीक उसी तरह आपका सपोर्ट चाहिए. इस बात को उन्होंने मान लिया तब जाकर मैंने जल ग्रहण किया है. देवेन्द्रनाथ महतो ने यह भी कहा कि, मैंन सिर्फ जल स्वीकार किया है और मैं तब तक भोजन नहीं करूंगा जब तक सरकार हमारी मांगे पूरी नहीं करती है.
आज आंदोलन का 12वां दिन
JPSC-JSSC परीक्षाओं के गड़बड़ी को लेकर छात्र लगातार 12 दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्रों की मांग है कि 14वीं JPSC रेगुलर, बैकलॉग 2023 और बैकलॉग 2025 की परीक्षाओं को जल्द से जल्द कैंसिल कर दिया जाएं. साथ ही इन सभी मामलो की जांच CBI और ED से करवाकर फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से पारदर्शी कार्रवाई की जाए. साथ ही छात्रों ने एग्जाम कराने वाली एजेंसी TDPL पर भी गंभीर आरोप लगाए है.
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