रांची में JPSC और JSSC में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन लगातार जारी है. प्रदर्शन के 14वें दिन सरकार और छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के बीच पहली दौर की बातचीत हुई. यह बैठक रांची के मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में हुई और करीब डेढ़ से पौने दो घंटे तक चली.
ADVERTISEMENT
बैठक के बाद सरकार और छात्रों, दोनों की ओर से बातचीत को सकारात्मक बताया गया. हालांकि, छात्रों ने साफ कर दिया है कि सिर्फ बातचीत से उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा. अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, प्रदर्शन जारी रहेगा.
सरकार के साथ पहली बैठक में क्या हुआ?
छात्रों की ओर से करीब नौ लोगों का प्रतिनिधिमंडल सरकार के साथ बातचीत के लिए पहुंचा था. इसमें रविंद्र पासवान, पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रविंद्र कुमार रवि, आनंद कुमार और अंकित कुमार शामिल थे.
बैठक में सरकार की ओर से मंत्री सुधीर सेन, दीपिका पांडे और चमरा लिंडा समेत अधिकारी मौजूद रहे. छात्रों ने अपनी सभी मांगों को विस्तार से सरकार के सामने रखा. प्रतिनिधिमंडल के मुताबिक, सरकार ने उनकी बातों को ध्यान से सुना और आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया.
बैठक के बाद रविंद्र पासवान ने कहा कि बातचीत सकारात्मक रही है, लेकिन यह आंदोलन का पहला चरण है. उन्होंने साफ किया कि फिलहाल प्रदर्शन खत्म नहीं किया जाएगा.
मंत्री ने भी बातचीत को बताया सकारात्मक
बैठक से बाहर आने के बाद सरकार की ओर से भी कहा गया कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना गया है. मंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के लिए तैयार है.
हालांकि, अभी सरकार ने छात्रों की किसी प्रमुख मांग को स्वीकार करने की घोषणा नहीं की है. यही वजह है कि अभ्यर्थी अपना प्रदर्शन जारी रखने की बात कह रहे हैं.
14 दिन से चल रहा है प्रदर्शन
रांची में JPSC और JSSC में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का यह प्रदर्शन पिछले 14 दिनों से चल रहा है. अभ्यर्थियों की मुख्य शिकायत JPSC की 14वीं परीक्षा और JSSC CGL समेत भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर है.
छात्रों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर स्पष्ट और ठोस फैसला नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. प्रदर्शनकारियों की ओर से 10 तारीख को विधानसभा मार्च का कार्यक्रम भी फिलहाल जारी रखने की बात कही गई है.
JPSC के तीन सदस्यों से CID करेगी पूछताछ
इस बीच मामले में जांच को लेकर भी बड़ा अपडेट सामने आया है. झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC की सदस्य डॉ. अजीता भट्टाचार्य, अनीमा हंसदा और डॉ. जमाल अहमद को CID ने पूछताछ के लिए बुलाया है.
तीनों से सोमवार को पूछताछ होने की जानकारी सामने आई है. डॉ. अजीता भट्टाचार्य झारखंड मुक्ति मोर्चा के एक वरिष्ठ नेता की पत्नी भी हैं और JPSC की सदस्य हैं.
विधायक जयराम महतो करेंगे निर्जल अनशन
प्रदर्शन के बीच डुमरी से विधायक और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के प्रमुख नेताओं में शामिल जयराम महतो ने भी बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा है कि वह 9 तारीख को ओल्ड विधानसभा परिसर में एक दिन का निर्जल अनशन करेंगे.
उनका अनशन सुबह 6 बजे से शुरू होगा. निर्जल अनशन का मतलब है कि इस दौरान वह पानी भी नहीं लेंगे.
छात्र आखिर क्या चाहते हैं?
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की मांगें मुख्य रूप से JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार से जुड़ी हैं.
छात्रों की सबसे बड़ी मांग JPSC की 14वीं परीक्षा के प्रीलिम्स को रद्द करने की है. उनका आरोप है कि परीक्षा में OMR शीट वायरल होने समेत कई तरह की गड़बड़ियां सामने आई थीं.
इसके अलावा छात्र JSSC CGL और मौजूदा JPSC मामले की CID जांच को CBI को सौंपने की मांग कर रहे हैं. अभ्यर्थियों का कहना है कि दोनों मामलों की निष्पक्ष और व्यापक जांच होनी चाहिए.
छात्र पूरे झारखंड लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली में सुधार यानी JPSC में व्यापक रिफॉर्म की मांग भी कर रहे हैं.
बातचीत हुई, लेकिन आंदोलन अभी खत्म नहीं
सरकार और छात्रों के बीच पहली दौर की बातचीत भले ही सकारात्मक रही हो, लेकिन फिलहाल प्रदर्शन खत्म होने के आसार नहीं हैं. छात्रों का कहना है कि अब अगले दौर की बातचीत में सरकार इन मांगों पर अपना स्पष्ट जवाब दे.
यानी सरकार के साथ बातचीत की शुरुआत तो हो गई है, लेकिन JPSC-JSSC को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन अभी जारी रहेगा. अब नजर इस बात पर है कि अगले दौर की बातचीत में सरकार छात्रों की मांगों पर क्या फैसला लेती है.
ADVERTISEMENT


