केतन अग्रवाल मामले में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. दोनों परिवारों के बीच दशकों पुराना रिश्ता और अटूट भरोसा था, जो अब इस घटना के बाद पूरी तरह बिखर चुका है. केतन के दादा देवीचंद अग्रवाल पुरानी बातों को याद कर आज भी भावुक हो जाते हैं. उनका कहना है कि जब सिया गोयल का रिश्ता आया था, तब उन्होंने सिया की कम उम्र (20 साल) को देखते हुए शादी में जल्दबाजी न करने की सलाह दी थी. लेकिन दोनों परिवारों की 45-50 साल पुरानी पहचान और भरोसे के चलते यह रिश्ता तय हो गया.
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बहू बन चुकी थी सिया, रोका के वीडियो आ रहे सामने
अग्रवाल परिवार के अनुसार, सब कुछ बहुत तेजी से हुआ. 11 फरवरी को दोनों परिवारों की बातचीत हुई और 19 फरवरी को रोका हुआ. इसके बाद पंडित को बुलाकर 25 नवंबर को शादी की तारीख भी पक्की कर ली.
होटल की बुकिंग और मेहमानों की लिस्ट तैयार हो रही थी. केतन की मां ने सिया को अपनी बहू मान लिया था. सिया अक्सर घर आती थी, त्योहारों और पूजा में शामिल होती थी. हाल ही में दोनों के रोका समारोह का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सिया और केतन बेहद खुश नजर आ रहे हैं और अंगूठियां बदल रहे हैं. परिवार का सवाल है कि अगर सिया इस रिश्ते से नाखुश थी, तो उसने पहले क्यों नहीं बताया?
पुणे के कैफे में मुलाकात, 48 मिनट बातचीत!
पुलिस की टेक्निकल जांच में सामने आया है कि घटना से ठीक एक दिन पहले यानी 17 जून को सिया गोयल और चेतन चौधरी पुणे के लुल्लानगर स्थित 'थर्ड वेव कैफे' में मिले थे. वहां दोनों के बीच काफी लंबी बातचीत हुई थी. इसके अलावा, पुलिस के हाथ एक सीसीटीवी फुटेज लगी है, जिसमें हुडी पहने एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे रहा है.
पुलिस के मुताबिक, इस शख्स के आने-जाने में कुल 48 मिनट लगे. अगर पहाड़ पर चढ़ने और उतरने का समय निकाल दिया जाए, तो वह किले पर सिर्फ 8 से 10 मिनट ही रुका. पुलिस अब इस 48 मिनट के रहस्य की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है.
29 जून तक पुलिस कस्टडी
लोनावला ग्रामीण पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है. पुलिस के अनुसार, सिया गोयल लगातार अपने बयान बदल रही है. शुरुआती पूछताछ और बाद के बयानों में काफी अंतर पाया गया है, जिससे सिया पर शक और बढ़ गया. पुलिस ने टेक्निकल साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट से कस्टडी मांगी थी, जिसके बाद वडगांव कोर्ट ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है. केतन का परिवार अब सिर्फ एक ही मांग कर रहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो ताकि सच सामने आ सके.
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