केतन अग्रवाल केस: आरोपी सिया गोयल इंटरनेट पर क्या खोज रही थी? पुलिस जांच में हुआ बड़ा खुलासा

न्यूज तक डेस्क

07 Jul 2026 (अपडेटेड: Jul 7 2026 3:54 PM)

Ketan Agrawal Murder Case: पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस को सिया का दूसरा मोबाइल मिला है, जिसकी सर्च हिस्ट्री ने कई चौंकाने वाले राज खोल दिए हैं. जांच में पता चला है कि उसने मेघालय के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड का गहराई से अध्ययन किया था. आखिर इस फोन से और क्या-क्या खुलासे हुए, पढ़िए पूरी रिपोर्ट.

सिया के दूसरे मोबाइल ने उगले राज
सिया के दूसरे मोबाइल ने उगले राज
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Siya Phone Search History: पुणे के रियल स्टेट करोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में  पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. पुलिस को जांच के दौरान सिया के घर से उसका एक और मोबाइल फोन मिला है. एक फोन पहले से ही पुलिस के पास था, लेकिन जब हाल ही में पुलिस सिया को लेकर उसके घर गई,तब यह दूसरा फोन बरामद हुआ. इस नए फोन की सर्च हिस्ट्री खंगालने पर पुलिस के हाथ बहुत बड़ी जानकारी लगी है. सिया के फोन की सर्च हिस्ट्री से पता चला है कि केतन की हत्या कोई सामान्य घटना नहीं थी. इसके लिए उसने बकायदा पूरी केस स्टडी की थी.

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मेघालय के मर्डर केस से लिया था पूरा रेफरेंस

मोबाइल फोन की छानबीन में सामने आया है  कि सिया ने केतन को रास्ते से हटाने के लिए इंटरनेट पर राजा रघुवंशी मर्डर केस को सर्च किया था. बात दें कि ये वही मामला है जो मेघालय में हुआ था. यहां सोनम नाम की महिला ने अपने पति राजा रघुवंशी को पहाड़ से धक्का दे दिया था. सिया ने इस केस पर गहराई से रिसर्च की थी.  इस स्टडी के पीछे उसका मकसद यही था कि सोनम जिस गलती की वजह से पुलिस के हाथ लग गई थी, सिया वही गलती न करे. उसने किसी किराए के हत्यारे की मदद नहीं ली और न ही वारदात के बाद भागी. उसने पूरी तैयारी के साथ केतन को लोहगढ़ की पहाड़ी से धक्का दिया और वहीं से अपनी पूरी साजिश को अंजाम दिया.

पुलिस कस्टडी और मारपीट को लेकर भी था डर

सिया के फोन की सर्च हिस्ट्री में एक और बेहद अजीब चीज पता चली है. इसमें ये पता चला है कि सिया ने इंटरनेट पर पुलिस हिरासत में महिलाओं के साथ मारपीट की जाती है या नहीं  ये भी सर्च किया था. इस सर्च से ये साफ जाहिर होता है कि सिया को इस बात का पूरा अंदाजा था कि वाे पकड़ी भी जा सकती है. अगर पुलिस उसे कस्टडी में लेकर पूछताछ करती है तो उसके साथ कैसा सुलूक होगा और क्या उसे पीटा जाएगा, इस बात की तैयारी उसने मर्डर करने से पहले ही कर ली थी.

मिडिल फिंगर दिखाने पर पिता ने दी अजीबो-गरीब सफाई

इस मामले के बीच जब पुलिस कस्टडी के दौरान सिया को अपने घर से वापस ले जा रही थी तो दावा है कि तब उसने मीडिया के सामने अपनी मिडिल फिंगर दिखाई थी. सोशल मीडिया पर इस हरकत का वीडियो खूब वायरल हुआ और लोगों ने उसे जमकर ट्रोल किया. अब इस पर सिया के पिता ने सफाई दी है. उनके मुताबिक  सिया को पुलिस जब गाड़ी में बैठा रही थी तब दरवाजे से उसकी उंगली में चोट लग गई थी. वह मीडिया को कोई गलत इशारा नहीं कर रही थी. अपनी वही उंगली की चोट दिखा रही थी. हालांकि, इस बात को लेकर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर वो मीडिया को अपनी चोट क्यों दिखा रही थी.

दो सिम कार्ड का इस्तेमाल और मेघालय केस का अपडेट

पुलिस इस मामले में सिया के कथित बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी की भी जांच कर रही है. इस दौरान  पता चला है कि चेतन अपने मोबाइल में दो अलग-अलग सिम कार्ड का इस्तेमाल कर रहा था.  पुलिस अब इन दोनों सिम कार्ड के रिकॉर्ड्स को खंगाल रही है.

सीनियर आईपीएस अफसर भी सिया का बिहेवियर देखकर हैरान

सिया के इस ठंडे दिमाग वाले रवैए को देखकर समाज के साथ-साथ पुलिस अधिकारी भी हैरान हैं. ओडिशा के एडीजीपी और क्राइम ब्रांच व ट्रांसपोर्ट कमिश्नर रह चुके सीनियर आईपीएस अफसर अरुण बोथरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस केस को लेकर अपनी राय साझा की है. उन्होंने लिखा कि अपने इतने लंबे करियर में उन्होंने अनगिनत अपराधियों से पूछताछ की है और बड़े से बड़े क्रिमिनल्स का सामना किया है. आमतौर पर गंभीर अपराध करने के बाद अपराधियों के चेहरे पर डर, पछतावा या कोई न कोई शिकन जरूर होती है, जिसे देखकर ह्यूमन बिहेवियर के एक्सपर्ट उनके माइंडसेट का अंदाजा लगा लेते हैं.

चेहरे पर न डर, न पछतावा, यह सामान्य केस नहीं

आईपीएस अरुण बोथरा के मुताबिक, सिया का व्यवहार अब तक देखे गए अपराधियों से बिल्कुल अलग है. उसके चेहरे पर अपने मंगेतर की हत्या करने के बाद भी कोई दुख, कोई डर या किसी भी तरह का पछतावा नजर नहीं आता. वह पूरी तरह से बेपरवाह और सामान्य दिखाई देती है. जब भी पुलिस उसे कोर्ट, क्राइम सीन या उसके घर ले जाती है, तो उसकी चाल में एक अजीब सी बेफिक्री दिखती है, जिस पर सोशल मीडिया पर लोग लगातार गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. इस बेफिक्री और पूरी प्लानिंग से साफ है कि यह कत्ल किसी गुस्से या झगड़े में नहीं, बल्कि बेहद शांत दिमाग से रची गई एक सोची-समझी साजिश का नतीजा था.

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