महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों का मराठी लैंग्वेज टेस्ट शुरू, फेल होने पर RTO दे रही नोटिस, जानिए पूरी बात

मुस्तफा शेख

• 02:49 PM • 20 Aug 2026

Maharashtra Marathi language test: महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा का टेस्ट शुरू हो गया है. RTO अधिकारी 15 सवालों के जरिए ड्राइवरों के मराठी ज्ञान की जांच कर रहे हैं. टेस्ट में फेल होने पर एक महीने का नोटिस दिया जा रहा है. जानिए महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले की पूरी कहानी और ड्राइवरों पर क्या होगा असर.

Maharashtra Marathi language test
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महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के लिए राज्य सरकार ने एक सख्त रुख अपनाया है. महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने साफ कहा है कि राज्य में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों को मराठी भाषा आनी ही चाहिए और इसे लेकर जो मनमानी करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. अब इस आदेश के बाद गुरुवार को महाराष्ट्र RTO ने अपना अभियान शुरू कर दिया है, जिसमें वह ऑटो-टैक्सी चालकों ने उनकी मराठी ज्ञान की जांच कर रहे हैं. अगर कोई भी ड्राइवर तय पैमाने पर खड़ा नहीं उतरता है तो उसे एक नोटिस और साथ ही एक महीने का मराठी सीखने का वक्त दिया जा रहा है.

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15 सवालों से लिया जा रहा टेस्ट

महाराष्ट्र RTO के अधिकारी उन चालकों को नोटिस थमा रहे हैं जो मौखिक(Oral) में फेल हो रहे है. अधिकारी अपने पास 15 सवालों का प्रश्न पत्र रखे हुए है और इससे ही ड्राइवरों का टेस्ट ले रहे है. इन प्रश्नों में सफर के दौरान यात्री और चालक के बीच होने वाले सवाल शामिल है, जैसे- मराठी में पूछना की क्या आप इस जगह पर चलेंगे? और मराठी में जवाब देना कि इस जगह पर जाने में इतना समय लगेगा.

मराठी नहीं सीखने पर बैज और परमिट हो सकता है कैंसिल

महाराष्ट्र RTO के इंस्पेक्टर एस.सुत्रावे ने बताया कि, 'मोटर वाहन नियम में जो संशोधन किया गया है उसके मुताबिक ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान होना चाहिए. अब विभाग इस नियम को सख्ती से लागू करेगा, जिसके तहत हर ड्राइवर के मराठी भाषा के नॉलेज की जांच की जाएगी. साथ ही इस पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाएगी.'

RTO अधिकारी के मुताबिक, अगर कोई ड्राइवर यह टेस्ट फेल करता है तो उसका बैज तीन महीने के लिए सस्पेंड कर दिया जाएगा. वहीं, लगातार मराठी सीखने के इनकार करने के बाद उसका बैज और परमिट दोनों को ही स्थायी रूप से कैंसिल किया जा सकता है.

ड्राइवरों ने कही ये बात

आज दादर ईस्ट पर RTO अधिकारियों ने इस चेकिंग अभियान को चलाया, जिसमें एक ड्राइवर इजहार मोहम्मद को एक महीने का नोटिस दिया गया है. इजहार मोहम्मद ने बताया कि, मैं बेसिक मराठी जानता हूं. मैं RTO जाकर और भी मराठी सीख लूंगा क्योंकि मराठी सीखने में मुझे कोई हर्ज नहीं है. वहीं एक दूसरे ड्राइवर ने कहा कि, मुझे बेसिक मराठी आती है और कोई भी मुझे एक भाषा बोलने के लिए फोर्स नहीं कर सकता है.

परिवहन मंत्री ने दी है चेतावनी

महाराष्ट्र सरकार में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया है कि, राज्य में पिछले 105 दिनों सें ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों को मराठी सिखाने का अभियान चलाया जा रहा है. इसमें अब तक 1 लाख 65 हजार ड्राइवर मराठी सीख चुके हैं और उन्हें इसका सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया गया है.

साथ ही उन्होंने कहा कि, कुछ रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों ने कहा है कि वह मराठी नहीं सीखने वाले है और सरकार को जो करना है, कर लें. परिवहन मंत्री ने इसे मुंहजोरी बताया है और कहा कि सरकार इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगी. ऐसे ड्राइवरों को पहले एक महीने का नोटिस दिया जाएगा और फिर भी मराठी नहीं सीखा तो उनका लाइसेंस तीन महीने के लिए सस्पेंड कर दिया जाएगा. इसके बाद भी चालक मराठी नहीं सीखता तो सरकार यह मान लेगी कि वह इस भाषा से नफरत करता है और फिर उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा.