महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का पेपर लीक होने के बाद हड़कंप मच गया है. 28 जून 2026 को होने वाली इस परीक्षा को सरकार ने पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद स्थगित कर दिया है. अब यह परीक्षा किसी नई तारीख पर दोबारा आयोजित की जाएगी. पुलिस की शुरुआती जांच में इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला बिजेंद्र गुप्ता बताया जा रहा है, जो लंबे समय से परीक्षा माफिया के नेटवर्क से जुड़ा हुआ है. आइए विस्तार से जानते है कौन है ये मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता और क्या है उसकी पूरी कहानी.
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होटल में रेड के दौरान हुआ भंडाफोड़
महाराष्ट्र टीईटी परीक्षा का क्वेश्चन पेपर ठाणे जिले के भिवंडी इलाके में स्थित एक होटल से लीक हुआ था. इस प्रश्न पत्र को करीब 1.5 करोड़ रुपये में बेचे जाने की तैयारी थी. 27 जून को पुलिस को गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर भिवंडी के एक होटल में छापेमारी की गई. इस रेड के दौरान कुछ लोगों के पास से सील बंद क्वेश्चन पेपर के चार सेट बरामद किए गए. ठाणे पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बिहार के राजीव शाह, आकाश कुमार और हरियाणा के धीरज सिंह शामिल हैं, जो मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता के सहयोगी बताए जा रहे हैं. वहीं, पेपर लीक की गहराई से जांच के लिए राज्य सरकार ने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन कर दिया है.
मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता का पुराना कबूलनामा
इस पूरे कांड का मुख्य आरोपी बिजेंद्र गुप्ता पहले भी कई पेपर लीक मामलों में शामिल रहा है. साल 2024 में नीट (NEET) पेपर विवाद के समय आज तक द्वारा पटना में किए गए एक स्टिंग ऑपरेशन में बिजेंद्र गुप्ता ने देशव्यापी पेपर लीक नेटवर्क को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए थे. उस दौरान उसने बेखौफ अंदाज में कैमरे पर कहा था कि पेपर लीक का यह खेल कभी नहीं रुकेगा. उसने कहा था, 'रही बात जेल जाने की, तो आज जेल जाएंगे, कल बेल मिलेगी और परसों से फिर यही खेल शुरू हो जाएगा.' बिजेंद्र ने खुद माना था कि वह देश के सबसे बड़े पेपर माफिया बेदीम (जौनपुर) के नेटवर्क के साथ भी काम कर चुका है और कई बड़ी परीक्षाओं में उसने सेटिंग कराई है.
4 साल से घर नहीं आया बिजेंद्र, पिता ने बयां की दास्तां
महाराष्ट्र टीईटी मामले में बिजेंद्र गुप्ता का नाम सामने आने के बाद मुंबई पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही हैं. समस्तीपुर के शेरपुर गांव में रहने वाले उसके पिता बालेश्वर शाह ने मीडिया को बताया कि उनका बेटा पिछले 4 सालों से घर नहीं आया है. वह आखिरी बार अपनी मां के श्राद्ध कर्म (अंतिम संस्कार) में महज 15 मिनट के लिए गांव आया था और फिर तुरंत चला गया.
साल 2011 में पहली बार टीईटी पेपर लीक में बिजेंद्र का नाम आने के बाद से ही परिवार का उससे संपर्क टूट चुका है. चार भाइयों में सबसे छोटा बिजेंद्र बेगूसराय में पढ़ाई करता था और वहीं से लापता हो गया था. स्थानीय सूत्रों के मुताबिक उसने बेगूसराय की ही एक लड़की से इंटरकास्ट मैरिज की थी, जो आज तक अपने ससुराल नहीं आई है.
रंजित डॉन से संपर्क के बाद बना बड़ा माफिया
साल 2011 में बिजेंद्र बेगूसराय से पटना पहुंचा था, जहां उसकी मुलाकात कथित तौर पर सरकारी नौकरियों में सेटिंग करने वाले कुख्यात रंजित डॉन से हुई थी. इसके बाद वह विभिन्न राज्यों में सक्रिय परीक्षा माफियाओं के संपर्क में आया और खुद इस अवैध धंधे का बड़ा खिलाड़ी बन गया. पुलिस का दावा है कि वह पिछले कई सालों से लगातार ठिकाने बदल-बदल कर फरार चल रहा है. पटना पुलिस जिसे 4 साल से गिरफ्तार नहीं कर सकी, वह दिल्ली में बैठकर देशभर में पेपर लीक का नेटवर्क चला रहा था. पुलिस के अनुसार, बिजेंद्र पिछले 25 सालों से परीक्षा माफिया के इस सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है.
4 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों का भविष्य दांव पर
महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद द्वारा आयोजित होने वाली यह टीईटी परीक्षा एक राज्य स्तरीय शिक्षक पात्रता परीक्षा है. इसके जरिए कक्षा 1 से 5 तक (प्राथमिक स्तर) और कक्षा 6 से 8 तक (उच्च प्राथमिक स्तर) के लिए शिक्षकों की पात्रता तय होती है. इस साल परीक्षा के लिए राज्य भर में 1,729 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे और सुरक्षा के लिए 18,000 एआई (AI) आधारित सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए थे. इसके बावजूद इतनी कड़ी सुरक्षा के बीच दिल्ली से पेपर लीक होकर महाराष्ट्र पहुंच गया और 4 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों की मेहनत पर पानी फिर गया.
राहुल गांधी का हमला
इस नए पेपर लीक मामले को लेकर सियासत भी गरमा गई है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर सरकार को घेरा है. उन्होंने लिखा कि देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था अब सिर्फ एक वसूली का सिस्टम बनकर रह गई है, जिससे देश का हर युवा असुरक्षित महसूस कर रहा है.
5 साल में 10 बड़े पेपर लीक के मामले
गौरतलब है कि देश में पिछले 5 साल के भीतर 10 बड़े पेपर लीक के मामले सामने आ चुके हैं. इनमें जून 2026 में महाराष्ट्र टीईटी, मई 2026 में नीट यूजी (NEET-UG), फरवरी 2024 में यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती और यूपीपीएससी आरओ/एआरओ, जून 2024 में यूजीसी नेट (UGC-NET), फरवरी 2023 में उत्तराखंड पटवारी भर्ती, मई 2022 में बीपीएससी 67वीं परीक्षा, दिसंबर 2022 में गुजरात जूनियर क्लर्क, और 2021 में राजस्थान रीट (REET) व यूपीटीईटी जैसी बड़ी परीक्षाएं शामिल हैं. आंकड़ों की मानें तो पिछले 10 सालों में देश में केंद्रीय और राज्य स्तर को मिलाकर करीब 90 से अधिक बड़ी परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं.
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