'खिड़की खुली होती तो माथा फट जाता...' ममता बनर्जी के काफिले पर हमला, भीड़ ने फेंके जूते-चप्पल और कीचड़

न्यूज तक डेस्क

• 03:52 PM • 09 Aug 2026

उत्तर 24 परगना के हलिशहर में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले पर उग्र भीड़ ने हमला कर दिया. टीएमसी कार्यकर्ता की कस्टडी में हुई मौत से लोग गुस्से में थे. प्रदर्शनकारियों ने गाड़ी पर कीचड़, पत्थर और जूते फेंके. ममता बनर्जी ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है.

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पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हलिशहर में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले पर गुस्साई भीड़ ने हमला कर दिया. ममता बनर्जी एक मृत तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यकर्ता के परिवार से मिलने उनके घर जा रही थीं. इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने उनका काफिला रास्ते में रोक लिया और उनकी गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया. भीड़ ने गाड़ी पर कीचड़, पानी की बोतलें, जूते और चप्पलें फेंकीं. प्रदर्शनकारियों ने ममता बनर्जी के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की.

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काफिले को रोककर गाड़ी पर फेंकी चीजें

हलिशहर पहुंचते ही ममता बनर्जी के काफिले को प्रदर्शनकारियों ने रोक दिया. कुछ ही देर में भीड़ ने उनकी गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया. इसके बाद गाड़ी पर कीचड़ और पानी की बोतलें फेंकी गईं. प्रदर्शनकारियों ने जूते-चप्पल भी फेंके.

इस दौरान ममता बनर्जी के खिलाफ जमकर नारे लगाए गए. भीड़ में मौजूद लोगों ने उन्हें 'चोर' और 'डकैतों की रानी' जैसे नारे भी लगाए. अचानक बिगड़े हालात से इलाके में तनाव बढ़ गया.

पुलिस ने सुरक्षा घेरे में निकाला बाहर

मामला बिगड़ता देख पुलिस और सुरक्षा बल तुरंत सक्रिय हुए. जवानों ने ममता बनर्जी की गाड़ी के आसपास सुरक्षा घेरा बनाया और उन्हें वहां से सुरक्षित बाहर निकाला.

घटना के बाद इलाके में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई. पूरे मामले को लेकर राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है.

ममता बनर्जी ने पत्थर फेंकने का लगाया आरोप

घटना को लेकर ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी गाड़ी पर पुलिस के सामने बड़े-बड़े पत्थर भी फेंके गए. उन्होंने कहा कि अगर गाड़ी की खिड़कियां खुली होतीं तो पत्थर लगने से उनका सिर फट सकता था और जान भी जा सकती थी.

ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी में इस तरह की घटना पहले कभी नहीं देखी. उन्होंने पुलिस और राज्य की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए. उनका आरोप है कि पुलिस भाजपा को सुरक्षा दे रही है.

TMC कार्यकर्ता की मौत के बाद भड़का गुस्सा

बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी जिस TMC कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रही थीं, उसकी शुक्रवार को पुलिस कस्टडी में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी.

मृतक के परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. परिवार का कहना है कि हिरासत में कथित तौर पर पिटाई के कारण कार्यकर्ता की मौत हुई. इसी घटना के बाद इलाके में पुलिस के खिलाफ लोगों में नाराजगी थी.

ममता बनर्जी के दौरे के दौरान यही गुस्सा प्रदर्शन के रूप में सामने आया. भीड़ ने उनका काफिला रोक दिया और विरोध देखते ही देखते उग्र हो गया.