मध्य प्रदेश के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कानून की रखवाली करने वाले एक पुलिसकर्मी की संपत्ति का चौंकाने वाला खुलासा हुआ.इंदौर पीटीसी (PTC) में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल फिरोज खान के पास वैध आय से करीब 223 फीसदी ज्यादा संपत्ति मिलने का दावा किया गया है.अब तक की जांच में 6 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति सामने आ चुकी है.लोकायुक्त इंदौर और उज्जैन की संयुक्त टीम द्वारा देवास से इंदौर तक 15 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी जारी है.
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15 ठिकानों पर एक साथ दबिश
लोकायुक्त इंदौर और उज्जैन की संयुक्त टीम ने बुधवार सुबह करीब 6 बजे फिरोज खान के देवास और इंदौर समेत 15 अलग-अलग ठिकानों पर एकसाथ सर्चिंग शुरू की.शुरुआती जांच में प्रधान आरक्षक फिरोज खान के पास आय से करीब 223 फीसदी अधिक संपत्ति होने का खुलासा हुआ है.अब तक की जांच में 6 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति सामने आई है, जबकि आरोपी की कुल वैध आय करीब 1 करोड़ 93 लाख 84 हजार रुपये आंकी गई है.लोकायुक्त पुलिस को फिरोज खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और जमीनों के कारोबार में कथित तौर पर दखल देने की शिकायत मिली थी.शुरुआती जांच के दौरान देवास स्थित मकान, इंदौर में फ्लैट, अलग-अलग जिलों में जमीनें, कृषि भूमि और व्यावसायिक संपत्तियों की जानकारी सामने आई है.लोकायुक्त को यह भी पता चला है कि आरोपी ने अपनी मां और पत्नी के नाम पर फर्म बनाकर करोड़ों रुपये का लेन-देन किया और रियल एस्टेट में निवेश किया.
फर्जी फर्मों और संदिग्ध लेन-देन का खुलासा
जांच का दायरा सिर्फ संपत्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकायुक्त उन फर्मों और जमीन के सौदों की भी पड़ताल कर रहा है, जिनसे प्रधान आरक्षक का कथित संबंध सामने आया है.जांच के मुताबिक, मां और पत्नी के नाम पर 'साहिल ट्रेडिंग कंपनी' और परिचित महिला के नाम पर 'रोशनी सेल्स एंड सर्विस' नाम से फर्में बनाई गई थीं.इनके फर्मों के खातों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन की जानकारी सामने आई है.इसके अलावा, सांवेर के ग्राम गुरान में 21.75 बीघा कृषि भूमि के विवादित सौदे में भी आरोपी की कथित भूमिका की जांच की जा रही है, जिसमें उसकी परिचित महिला को भी आरोपी बनाया गया है.फिलहाल लोकायुक्त की टीमें देवास में 11 और इंदौर में 4 ठिकानों पर सर्चिंग कर रही हैं, जिनमें आवासीय मकान, अपार्टमेंट के फ्लैट, कृषि भूमि और व्यावसायिक भूखंड शामिल हैं.बैंक खातों, लॉकर और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है.कार्रवाई पूरी होने के बाद संपत्तियों के वास्तविक मूल्य और वित्तीय लेन-देन की तस्वीर और साफ हो सकेगी.
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