### मुंबई के गणपति पंडाल में करंट से 2 की मौत, 4 घायल, 8 साल की बच्ची भी शामिल
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मुंबई के काळाचौकी इलाके में गणेशोत्सव के दौरान बड़ा हादसा हो गया. महागणपति उत्सव मंडल के गेट के पास अचानक करंट फैल गया. इसकी चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हुए हैं. मरने वालों में 8 साल की बच्ची रागिनी घनश्याम यादव और 33 साल की सुजाता बलराज थोटेडी शामिल हैं.
हादसा 20 सितंबर की रात करीब 2:42 बजे हुआ. घटना की सूचना मिलने के बाद मुंबई फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची. बिजली की सप्लाई बंद कर दी गई और आसपास के इलाके को घेर दिया गया.
6 लोग करंट की चपेट में आए
हादसे में कुल 6 लोग घायल हुए हैं. इनमें 8 साल की रागिनी, 19 साल की किरण अकबर नाइक, 19 साल की तन्वी नरेश हांडे, 19 साल के साहिल संदीप तारे, 12 साल की रूही सिंह और 33 साल की सुजाता बलराज थोटेडी शामिल हैं.
रागिनी को मसीना अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. वहीं किरण, तन्वी और साहिल का इलाज मसीना अस्पताल में चल रहा है.
12 साल की रूही सिंह को गंभीर हालत में ग्लोबल अस्पताल में भर्ती कराया गया. उसे ICU में रखा गया है. वहीं 33 साल की सुजाता को भी ग्लोबल अस्पताल ले जाया गया था. डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
पानी और बिजली के तार के पास हुआ हादसा
फायर ब्रिगेड की टीम के मुताबिक, महागणपति मंडल के प्रवेश द्वार के पास अस्थायी पानी का स्टॉल लगाया गया था. यहीं से बिजली का करंट फैला.
घटना के बाद BEST की टीम ने भी मौके का निरीक्षण किया. दत्ताराम लाड मार्ग पर दिग्विजय मिल चॉल के पास लगे अस्थायी मीटर की जांच की गई. यह मीटर गणपति उत्सव की लाइटिंग और कोल्ड ड्रिंक स्टॉल के लिए लगाया गया था.
BEST के मुताबिक, मीटर की वायरिंग और MCB को स्थानीय इलेक्ट्रीशियन पहले ही डिस्कनेक्ट कर चुका था. मौके पर बिजली की सप्लाई बंद रखी गई. पुलिस ने BEST के मीटर इंस्पेक्टर को भी जांच के लिए बुलाया.
मृत बच्ची की मौसी ने सुरक्षा पर उठाए सवाल
हादसे में जान गंवाने वाली रागिनी यादव की मौसी किस्मती यादव ने पंडाल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं.
उन्होंने बताया कि वह बच्चों के साथ गणपति दर्शन के लिए आई थीं. पंडाल के बाहर काफी भीड़ थी. रात करीब 2:40 बजे वे पंडाल के पास एक दुकान के बाहर खड़ी थीं. इसी दौरान तिरपाल खींचे जाने पर पानी और बिजली का तार नीचे गिर गया.
किस्मती यादव के मुताबिक, इसके बाद कई लोग करंट की चपेट में आ गए. उनके दो बच्चों को भी करंट लगा. आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह बच्चों को तार से अलग किया.
उन्होंने कहा कि बारिश के कारण वहां पानी भी जमा था. ऐसे में बिजली के तारों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए थे. उनका कहना है कि बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से पहले आयोजकों को सुरक्षा का पूरा ध्यान रखना चाहिए था.
पुलिस कर रही जांच
हादसे की जानकारी मिलने के बाद मुंबई फायर ब्रिगेड, पुलिस, BEST और नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंचीं. बिजली की सप्लाई बंद करने के बाद घटनास्थल की जांच की गई.
काळाचौकी पुलिस मामले की जांच कर रही है. हादसा गणेशोत्सव के दौरान हुआ है, जब मुंबई के अलग-अलग गणपति पंडालों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं.
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