महाराष्ट्र के नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपों ने सनसनी फैला दी है. अब इस मामले में पीड़ितों की अलग-अलग कहानी सामने आ रही है. इस मामले में अब एक पीड़िता ने जो आपबीती सुनाई है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है. पीड़िता का आरोप है कि मुख्य आरोपी ने न केवल उसके साथ शारीरिक शोषण किया, बल्कि उसे अपना धर्म बदलने के लिए भी प्रताड़ित किया.
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दोस्ती की आड़ में बड़ा धोखा
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसकी मुलाकात आरोपी से करीब चार साल पहले कॉलेज में हुई थी. ग्रेजुएशन के बाद आरोपी ने उसे TCS में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया और इसी बहाने नजदीकियां बढ़ाईं. आरोपी ने यह बात छिपाई कि वह पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं. अगस्त 2024 में वह पीड़िता को एक रिसॉर्ट में ले गया, जहां उसने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए. पीड़िता को सच्चाई तब पता चली जब आरोपी की पत्नी ने उससे संपर्क किया.
ऑफिस कैंटीन में बनता था दबाव
शिकायत के मुताबिक, आरोपी के दो अन्य साथी भी इस साजिश में शामिल थे. ये तीनों अक्सर कंपनी की कैंटीन में मिलते थे और देवी-देवताओं के बारे में अपमानजनक बातें करते थे. पीड़िता का आरोप है कि उस पर इस्लाम धर्म अपनाने का लगातार दबाव बनाया गया. इसके अलावा, कंपनी के कुछ अन्य कर्मचारियों ने भी उसे ब्लैमेल किया और उसका यौन उत्पीड़न किया.
निदा खान की तलाश
इस केस में आरोपी महिला कर्मचारी निदा खान फिलहाल फरार है. पुलिस की एक टीम ठाणे के मुंब्रा इलाके में उसकी तलाश कर रही है. दूसरी ओर, निदा ने कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई है. उनके वकील का तर्क है कि निदा दो महीने की गर्भवती है और एक महिला दूसरी महिला की मर्यादा भंग नहीं कर सकती. हालांकि, TCS ने साफ कर दिया है कि निदा खान कंपनी में HR मैनेजर के पद पर नहीं थी.
प्रशासन सख्त, 9 FIR दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्म परिवर्तन जैसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. नासिक पुलिस ने अब तक 9 FIR दर्ज की हैं और 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. कोर्ट में पेश किए गए वॉट्सएप चैट्स से भी अश्लील मैसेज भेजने की पुष्टि हुई है.
TCS का बयान आया
TCS ने इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्हें अपने आंतरिक शिकायत तंत्र (POSH) पर पहले ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली थी. कंपनी ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष पैनल का गठन किया है और बाहरी जांच एजेंसियों की भी मदद ली जा रही है.
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