नेपाल की त्रिशूली और भोटेकोशी नदी में आई भयंकर बाढ़ ने तबाही की ऐसी खौफनाक तस्वीर छोड़ी है, जिसे देखकर किसी का भी कलेजा कांप उठे. उफनती नदियों के रास्ते में जो भी गांव और कस्बा आया वह देखते ही देखते मलबे के ढेर में बदल गया. नुवाकोट जिले का बेत्रावती गांव (विदुर नगरपालिका) भी इस तबाही की ज़द में आ गया, जहां से एक ऐसा दर्दनाक मंजर सामने आया है जिसने रेस्क्यू टीम के भी रोंगटे खड़े कर दिए.
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1 सितंबर को जब रेस्क्यू टीम हेलिकॉप्टर से मलबे के रूप में तब्दील हो चुके एक तीन मंजिला मकान की तलाशी लेने पहुंची तो उन्हें उम्मीद थी कि शायद कोई सांस चलती मिल जाए.लेकिन अंदर कदम रखते ही सन्नाटा और मातम पसर गया. इस एक ही घर से कुल 24 लोगों के शव बरामद हुए हैं.
ऊपरी मंजिल भी नहीं बचा सकी जान
नेपाल पुलिस के अनुसार, 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ के बाद पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि लोगों को भागने का मौका तक नहीं मिला नुवाकोट के एसपी विपिन रेग्मी ने बताया कि जान बचाने की नीयत से लोग नीचे के कमरों से भागकर सबसे ऊपरी मंजिल यानी छत के ठीक नीचे वाले कमरे में इकट्ठा हो गए थे, लेकिन जलप्रलय का भयानक रूप इतना खतरनाक था कि यह ऊंचाई भी उनकी जिंदगी नहीं बचा सकी.
रेस्क्यू टीम को कमरे के अंदर से 21 और बाहर से 3 शव मिले. आशंका जताई जा रही है कि ये सभी लोग प्रसिद्ध धार्मिक स्थल गोसाईंकुंड की यात्रा पर निकले तीर्थयात्री रहे होंगे. फिलहाल किसी की पहचान नहीं हो सकी है.
मां और बच्ची का वो मंजर, जिसने सबकी आंखें नम कर दीं
इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सबसे झकझोर देने वाली तस्वीर तब सामने आई, जब एक महिला का शव एक मासूम बच्ची को सीने से कसकर चिपकाए हुए मिला। कुदरत के इस भयानक कहर के बीच भी मां की ममता आखिरी सांस तक अपनी बच्ची को बचाने की जद्दोजहद करती रही.
हेलिकॉप्टर से निकाले जा रहे शव
तबाही के बाद गांव की जमीन पूरी तरह से समतल हो चुकी है और रास्तों का नामोनिशान मिट चुका है. रेस्क्यू टीम को शवों को बाहर निकालने के लिए हेलिकॉप्टर की मदद लेनी पड़ रही है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 8 शवों को अस्पताल पहुंचाया जा चुका है, जबकि बाकी शवों को सुरक्षित एयरलिफ्ट करने की प्रक्रिया जारी है.
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