अपने बेबाक बयानों के लिए मशहूर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी एक बार फिर चर्चा में हैं. नागपुर में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में गडकरी ने जातिवाद की राजनीति करने वालों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि विकास के काम में जब भेदभाव नहीं होता तो राजनीति में जाति का खेल क्यों?
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'जात-पात की राजनीति से नहीं होगा भला'
मंच से जनता को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि आज कुछ लोग समाज को धर्म और जाति के नाम पर बांटने का काम कर रहे हैं, लेकिन वे ऐसी राजनीति को सिरे से खारिज करते हैं.
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "जिस भाव में पेट्रोल-डीजल हिंदू को मिलता है, उसी भाव में मुसलमान को भी मिलता है. जब सुविधाएं सबके लिए बराबर हैं, तो फिर ये बंटवारा क्यों?"
दोगले नेताओं पर साधा निशाना
गडकरी ने उन नेताओं पर भी तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो मंच पर जातिवाद के नारे लगाते हैं, लेकिन पर्दे के पीछे अपने परिवार के लिए फायदे ढूंढते हैं.
उन्होंने मजाकिया और सख्त लहजे में कहा, "जो करेगा जात की बात, उसको मारूंगा कस के लात." उन्होंने जनता को आगाह किया कि ऐसे ढोंगी नेताओं को पहचानने का वक्त आ गया है.
मजदूरों को बताया देश की असली ताकत
श्रमिकों के सम्मान में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत का निर्माण सिर्फ मशीनों से नहीं, बल्कि करोड़ों मजदूरों के पसीने से हुआ है. सड़कें, बांध और बड़ी इमारतें श्रमिकों की मेहनत का नतीजा हैं. उन्होंने कहा कि मजदूर ही देश की तरक्की की असली रीढ़ हैं और सरकार उनके जीवन स्तर को सुधारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
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