महिला के बाल खींचे...कपड़े तक फाड़ दिए...ओडिशा में NGO वर्कर्स के साथ भीड़ ने ऐसा क्यों किया? पता चली पूरी कहानी

अजय कुमार नाथ

• 09:36 AM • 20 Jun 2026

NGO Workers Assaulted: ओडिशा के रायगढ़ा जिले में बच्चा चोर की अफवाह के चलते दो NGO कर्मियों पर भीड़ ने हमला कर दिया. पीड़ित महिला ने बाल खींचने, कपड़े फाड़ने और अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं. पुलिस ने मामले में 16 लोगों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है. जानिए रायगढ़ा से सामने आई भींड हिंसा मामले की पूरी कहानी.

NGO Workers Assaulted
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ओडिशा के रायगढ़ा जिले से भीड़ हिंसा का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी है. यहां बाहरी राज्य से आए दो NGO कर्मियों को गांव के लोगों ने बच्चा चोर समझा और फिर उनकी बेरहमी से पिटाई कर दी. पीड़ित महिला ने बताया कि इस दौरान उन्होंने लोगों को अपना ID कार्ड दिखाया और लोगों को समझाने की कोशिश भी की, लेकिन उन्होंने उसके बाल-खींचे और कपड़े तक फाड़ दिए. फिलहाल इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है. आइए विस्तार से जानते हैं इस सनसनीखेज मामले की पूरी कहानी.

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क्या है पूरा मामला

यह मामला रायगढ़ जिले के कल्याणसिंहपुर ब्लॉक के इंटालीगुडा गांव से सामने आई है और घटना 16 जून का बताया जा रहा है. पुलिस के मुताबिक, दोनों NGO वर्कर गांव से गुजर रहे थे तभी वहां मौजूद कुछ ग्रामीणों ने उन्हें बच्चा चोर समझ लिया. धीरे-धीरे यह अफवाह पूरे गांव में फैल गई की 2 लोग बच्चा चोरी करने आए है, जिसके बाद भीड़ जमा होने लगी और फिर अचानक उनपर हमला कर दिया.

हालात इतने बिगड़ गए थे कि NGO कर्मियों को खुद को बचाने का मौका तक नहीं मिला और भीड़ ने उन्हें पीटना शुरू कर दिया. दोनों ही NGO वर्कर बार-बार अपनी पहचान बताने की कोशिश कर रहे थे लेकिन गुस्साई भीड़ ने उनकी एक नहीं सुनी और उन्हें पीटते रहे.

'बाल खींचे, कपड़े फाड़ दिए...'

इस मामले में अब दोनों पीड़ितों के बयान भी सामने आए है. पीड़ित महिला ने बताया कि उसने बार-बार अपना पहचान पत्र दिखाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ ने एक नहीं सुनी और उनपर विश्वास भी नहीं किया. इसके बजाय लोगों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी. भीड़ ने उन्हें बहुत मारा, बाल खींचे, कपड़े फाड़ दिए और कुछ लोगों ने गलत तरीके से उन्हें छुआ भी. महिला ने आगे बताया कि कुछ लोग हमें बचाने की कोशिश भी कर रहे थे. इसी बीच किसी तरह ने मुझे बचाकर वहां से सुरक्षित निकाल दिया.

वहीं पीड़ित युवक का कहना है कि वे लोग गूगल मैप्स में दिखाए रास्ते की वजह से गांव में घुस गए थे, नहीं तो वहां जाने का उनका भी कोई इरादा नहीं था. जैसे ही वे गांव में पहुंचे तो लोगों ने उन्हें रोक लिया और लोगों ने लाठी-डंडों से पीटा तो किसी ने मेरे ऊपर पत्थर भी फेंका.

16 लोग हुए गिरफ्तार, हो रही आगे की जांच

रायगढ़ा के पुलिस अधीक्षक राज प्रसाद ने बताया है कि मामले में अब तक 16 लोगों की गिरफ्तार हो चुकी है, जिनमें कुछ मुख्य आरोपी भी शामिल हैं. फिलहाल मामले की जांच जारी है और फुटेज के साथ-साथ गवाही के आधार पर लोगों की पहचान की जा रही हैं. मामले में कई धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है. साथ ही पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि अफवाह कैसी फैली और भीड़ ने इतना बड़ा हमला क्यों किया.