ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने उड़ाया था पाकिस्तान का किराना हिल्स? पूर्व CDS अनिल चौहान ने बता दी असली बात

ऋषि सिंह

• 01:38 PM • 26 Aug 2026

Operation Sindoor: क्या भारत ने पाकिस्तान के परमाणु ठिकाने किराना हिल्स को निशाना बनाया था? पूर्व CDS जनरल अनिल चौहान ने इस सवाल पर बड़ी जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि सरगोधा के आसपास भारतीय Loitering Munitions भेजे गए थे और किराना हिल्स से धुआं उठने की असली वजह क्या थी. जानिए ऑपरेशन सिंदूर की पूरी कहानी.

पूर्व सीडीएस अनिल चौहान
पूर्व सीडीएस अनिल चौहान
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पाकिस्तान के परमाणु ठिकाने किराना हिल्स को लेकर काफी समय से तरह-तरह के दावे और सवाल सामने आते रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या भारत ने सरगोधा के पास स्थित इस संवेदनशील इलाके पर सैन्य कार्रवाई की थी. अब इन तमाम अटकलों और दावों पर देश के पूर्व सीडीएस (CDS) जनरल अनिल चौहान ने एक बेहद अहम और बड़ा खुलासा किया है.

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जनरल अनिल चौहान ने स्पष्ट किया है कि भारत की ओर से किराना हिल्स को सीधे तौर पर निशाना बनाकर कोई हमला नहीं किया गया था, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने उस घटनाक्रम की पूरी कहानी भी साझा की जिससे किराना हिल्स से धुआं उठने की तस्वीरें सामने आई थीं.

लॉइटरिंग एमिनेशन और सरगोधा के आसपास का मिशन

पूर्व CDS जनरल अनिल चौहान ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर से ठीक पहले भारतीय सेना ने सरगोधा इलाके में कई 'लॉइटरिंग एमिनेशंस'(Loitering Munitions) भेजे थे. इन हथियारों का मुख्य उद्देश्य सरगोधा और उसके आसपास मौजूद पाकिस्तानी रडार और उनके सैन्य ठिकानों को तलाशना था.

किराना हिल्स, पाकिस्तान के सरगोधा शहर से लगभग 10 किलोमीटर उत्तर में स्थित है. यह आधुनिक हथियार हवा में मंडराते हुए रडार सिग्नल और टारगेट की खोज करते हैं और जैसे ही इन्हें सही लक्ष्य मिलता है, वे उस पर सटीक प्रहार कर देते हैं.

किराना हिल्स से धुआं उठने की असली वजह

जनरल चौहान ने लॉइटरिंग एमिनेशन की कार्यप्रणाली समझाते हुए बताया कि इन हथियारों की एक निश्चित समय सीमा होती है, जो लगभग 2 घंटे तक आसमान में मंडराकर अपने टारगेट की खोज कर सकते हैं. यदि लगभग 2 घंटे के इस समय में उन्हें अपना निर्धारित टारगेट नहीं मिलता, तो वे नीचे आकर किसी न किसी स्थान पर गिर जाते हैं और उनमें विस्फोट हो जाता है.

उन्होंने संभावना जताई कि ऐसा ही कोई लॉइटरिंग एमिनेशन अपना टारगेट न मिलने के कारण किराना हिल्स के आसपास की पहाड़ियों पर जाकर गिरा होगा. यही वजह थी कि पाकिस्तानी मीडिया में उस समय किराना हिल्स से धुआं उठने की तस्वीरें प्रसारित हुई थीं और लोगों के मन में भारत के हमले को लेकर तरह-तरह के सवाल उठने लगे थे.

ऑपरेशन सिंदूर और भारतीय सेना की क्षमता

गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान की सीमा के भीतर घुसकर अत्यंत प्रभावी और कड़ी कार्रवाई की थी. 7 मई से शुरू हुए इस सैन्य टकराव के बाद स्थिति इतनी तेजी से बदली कि 10 मई तक पहुंचते-पहुंचते पाकिस्तान की तरफ से सीजफायर की पहल की गई थी. इस 4 दिनों की सैन्य कार्रवाई में भारत ने पाकिस्तान के कई आतंकी ठिकानों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया था और उनके एयरबेस को भी भारी नुकसान पहुंचाया था.

हालांकि पूर्व CDS के बयान से यह साफ हो गया है कि किराना हिल्स भारत का सीधा टारगेट नहीं था, लेकिन इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि भारत जब चाहे दुश्मन की सीमा के भीतर गहराई में जाकर सटीक और निर्णायक प्रहार कर सकता है.

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