'टूटे एयरबेस को जीत बता रहा PAK...', UNGA में भारत की राजनयिक पेटल गहलोत ने पाकिस्तान को जमकर धोया

न्यूज तक डेस्क

27 Sep 2025 (अपडेटेड: Sep 27 2025 9:50 AM)

India UN Speech: संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ के भाषण पर तीखा पलटवार किया. भारतीय राजनयिक पेटल गहलोत ने पाकिस्तान को आतंकवाद के महिमामंडन और ओसामा बिन लादेन को छिपाने के लिए घेरा.

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India UN Speech: संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के भाषण का कड़ा जवाब दिया. भारत ने पाकिस्तान को आतंकवाद का समर्थक बताते हुए उसके झूठे दावों को बेनकाब किया. भारत की ओर से स्थायी मिशन की प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने 'राइट टू रिप्लाई' का इस्तेमाल कर पाकिस्तान की नीतियों पर तीखा हमला बोला.

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पाकिस्तान का आतंकवाद समर्थन उजागर  

पेटल गहलोत ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में आतंकवाद को बढ़ावा देने की कोशिश की. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की विदेश नीति में आतंकवाद हमेशा से महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है.

गहलोत ने 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान के बयान का जिक्र किया, जिसमें उसने 'रेसिस्टेंस फ्रंट' जैसे आतंकी संगठन का बचाव किया था. यह संगठन जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों पर हमले के लिए जिम्मेदार है. 

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान वही देश है, जिसने अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन को सालों तक अपने यहां शरण दी. पाकिस्तानी मंत्रियों ने भी स्वीकार किया है कि उनके देश में दशकों से आतंकी प्रशिक्षण शिविर चल रहे हैं.

'टूटे एयरबेस को जीत बता रहा पाकिस्तान'  

भारत की राजनयिक ने पाकिस्तान के झूठे दावों की भी पोल खोली. उन्होंने कहा कि शाहबाज शरीफ जिसे 'जीत' बता रहे हैं, वह दरअसल भारतीय हमले में तबाह हुए पाकिस्तानी एयरबेस, जले हुए हैंगर और क्षतिग्रस्त रनवे हैं. ये तस्वीरें सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं. गहलोत ने तंज कसते हुए कहा, "अगर पाकिस्तान इसे जीत मानता है, तो उसे मानने दे."

भारत-पाक मुद्दे केवल द्विपक्षीय स्तर पर सुलझेंगे 

पेटल गहलोत ने दोहराया कि भारत में निर्दोष नागरिकों पर आतंकी हमलों के लिए पाकिस्तान जिम्मेदार है. और भारत अपने लोगों की सुरक्षा के लिए हमेशा जवाबी कदम उठाएगा.

भारत ने एक बार फिर अपना पुराना रुख साफ किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच सभी मुद्दे केवल द्विपक्षीय स्तर पर ही हल किए जाएंगे. किसी तीसरे पक्ष की इसमें कोई भूमिका नहीं होगी.