"गाली देना कब से क्रिमिनल ऑफेंस हो गया?" PM पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में पुलिस कार्रवाई पर भड़के सौरव दास

न्यूज तक डेस्क

• 04:32 PM • 31 Jul 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने वाली लड़की पर नोएडा में एफआईआर दर्ज की गई है. इस पर सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे युवाओं का उत्पीड़न और निशाना बनाने की कोशिश बताया है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाली नोएडा की एक लड़की पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. इस मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस छिड़ गई है. अब इस पूरे विवाद में CJP के प्रवक्ता सौरव दास लड़की के बचाव में सामने आए हैं. उन्होंने पुलिस और सरकार द्वारा की जा रही कार्रवाई को युवाओं का उत्पीड़न करार दिया है.

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CJP प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि किसी के द्वारा प्रदर्शन में अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने की निंदा की जा सकती है, लेकिन इसके लिए सरकारी तंत्र और पुलिस का इस्तेमाल करके किसी को निशाना बनाना या डराना पूरी तरह से गलत है. उन्होंने सवाल उठाया कि देश में केवल बोली या शब्द के आधार पर किसी युवा पर इस तरह आपराधिक कार्रवाई करना और उसे हैरास करना सही नहीं है.

सौरव दास ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति या खुद प्रधानमंत्री को किसी के शब्दों से ठेस पहुंची है या बुरा लगा है, तो उनके पास कानूनी रूप से सिविल मानहानि (Defamation) का मुकदमा दर्ज कराने का विकल्प मौजूद है. लेकिन इस तरह से पुलिस मशीनरी का दुरुपयोग करके एक लड़की को निशाना बनाना और युवाओं के बीच एक उदाहरण सेट करने की कोशिश करना बेहद निंदनीय है. उन्होंने सरकार और पुलिस से मांग की है कि उस लड़की को अकेला छोड़ दिया जाए और युवाओं पर इस तरह की पुलिसिया कार्रवाई तुरंत बंद की जाए.

इसके साथ ही सौरव दास ने 25 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए समझौते और वादों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर आगे कोई एफआईआर न दर्ज करने का आश्वासन दिया था. उन्होंने मांग की कि सरकार सभी दर्ज एफआईआर को वापस ले, घायलों को इलाज और उचित मुआवजा दे. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर युवाओं का उत्पीड़न इसी तरह जारी रहा, तो देश भर के युवा एक बार फिर सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे.