तेल, बिजली और खाद की किल्लत रोकने के लिए अलर्ट हुई सरकार! PM मोदी ने बुलाई हाई-लेवल मीटिंग, क्या होंगे फैसले!

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज खाड़ी के बंद होने से भारत की ऊर्जा सप्लाई पर खतरा बढ़ गया है. पीएम मोदी इस स्थिति से निपटने के लिए हाई लेवल मीटिंग करेंगे. सरकार वैकल्पिक स्रोतों से तेल आयात बढ़ा रही है ताकि देश में पेट्रोल, गैस और बिजली की सप्लाई बनी रहे.

NewsTak

न्यूज तक डेस्क

follow google news

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब भारत तक पहुंचता दिख रहा है. इसी को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार शाम वरिष्ठ मंत्रियों के साथ एक अहम उच्च स्तरीय बैठक करने जा रहे हैं. इस बैठक में देश की ऊर्जा सुरक्षा और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता पर गहन चर्चा होगी.

Read more!

सूत्रों के मुताबिक, इस मीटिंग में पेट्रोलियम उत्पाद, कच्चा तेल, बिजली और खाद की सप्लाई जैसे चार प्रमुख मुद्दों पर फोकस किया जाएगा. सरकार की कोशिश है कि अंतरराष्ट्रीय संकट के बावजूद देश में इन आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित न हो और आम लोगों पर इसका असर कम से कम पड़े.

क्यों बढ़ा है खतरा?

दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल और गैस होर्मुज की खाड़ी से होकर गुजरता है. वर्तमान युद्ध की स्थिति के कारण ईरान ने इस रास्ते को बंद कर दिया है, जिससे सैकड़ों मालवाहक जहाज फंस गए हैं. भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात करता है, ऐसे में इस रास्ते का बंद होना भारत के लिए चिंता का विषय है. इससे न केवल पेट्रोल-डीजल महंगा होने का डर है, बल्कि माल ढुलाई महंगी होने से महंगाई बढ़ने का भी खतरा है.

भारत जैसे देश के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है. होर्मुज के लंबे समय तक बंद रहने से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका है. इसके अलावा खाद की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है, जिससे कृषि क्षेत्र पर दबाव बढ़ेगा. बिजली उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है, जिसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा.

भारत की वैकल्पिक तैयारी

सरकार इस संकट को लेकर पहले से ही सक्रिय है. भारत ने होर्मुज पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए अन्य देशों से तेल का आयात बढ़ा दिया है. इसी कड़ी में रविवार सुबह मंगलुरु बंदरगाह पर अमेरिका से 72,700 टन से ज्यादा रसोई गैस (LPG) की खेप पहुंची है. आज की बैठक इस बात का साफ संकेत है कि सरकार किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 'प्लान-बी' तैयार कर चुकी है.

    follow google news