पीएम मोदी किसान तक भारत एग्रीकल्चर कॉन्फ्रेंस में देंगे संबोधन, देशभर से जुटेंगे 2 हजार किसान

ललित यादव

07 Nov 2026 (अपडेटेड: Nov 7 2026 5:21 PM)

इंडिया टुडे ग्रुप 11-12 नवंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में भारत एग्रीकल्चर कॉन्फ्रेंस 2026 आयोजित करेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मेलन को संबोधित करेंगे. इसमें देशभर के करीब 2 हजार किसान और कृषि विशेषज्ञ शामिल होंगे. खेती में AI, नई तकनीक, किसानों की आय और विकसित भारत 2047 पर चर्चा होगी.

Kisan Tak Bharat Agriculture Conference 2026,
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 नवंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाली 'किसान तक भारत एग्रीकल्चर कॉन्फ्रेंस 2026' को संबोधित करेंगे. इस दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर के करीब 2 हजार किसान हिस्सा लेंगे. इनके अलावा केंद्र और राज्य सरकारों के मंत्री, कृषि विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और कई देशों के विशेषज्ञ भी शामिल होंगे.

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इंडिया टुडे ग्रुप की ओर से आयोजित यह सम्मेलन 11 और 12 नवंबर को भारत मंडपम में होगा. इसका आयोजन 'स्मार्ट किसान, विकसित भारत' थीम के तहत किया जा रहा है. महिंद्रा ट्रैक्टर्स इस सम्मेलन का प्रेजेंटिंग पार्टनर है, जबकि महाधन एग्रीटेक को-पार्टनर है.

खेती में AI और नई तकनीक पर होगी चर्चा

सम्मेलन में खेती को आधुनिक बनाने पर खास चर्चा होगी. इसमें प्रिसिजन फार्मिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और जलवायु के अनुकूल फसलों जैसे विषय शामिल होंगे. इसके साथ ही खेती में नई तकनीक के इस्तेमाल और किसानों की लागत कम करने के तरीकों पर भी बात होगी.

कार्यक्रम में किसानों के अनुभवों को भी प्रमुखता दी जाएगी. देश के अलग-अलग हिस्सों से करीब 20 किसान अपनी सफलता की कहानियां साझा करेंगे. इनमें महिला उद्यमी और ऐसे किसान भी शामिल होंगे, जिन्होंने पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीक को अपनाया है. इन किसानों में पद्मश्री सम्मान से सम्मानित रहीबाई सोमा पोपरे, ट्रिनिटी सायो, नेक राम शर्मा, सुल्तान सिंह और सुंदरम वर्मा भी शामिल होंगे.

कृषि और किसानों की आय पर रहेगा फोकस

भारत की अर्थव्यवस्था और रोजगार में कृषि की बड़ी भूमिका है. प्रेस रिलीज के मुताबिक, देश के करीब 46 फीसदी कार्यबल को कृषि क्षेत्र से रोजगार मिलता है. आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, देश में खाद्यान्न उत्पादन 357.73 मिलियन टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है.

सम्मेलन में इस उत्पादन को किसानों की बेहतर आय में बदलने पर चर्चा होगी. इसके अलावा सप्लाई चेन की दिक्कतें कम करने और कृषि उत्पादों के निर्यात के नए अवसर तलाशने पर भी विचार किया जाएगा.

केंद्रीय कृषि मंत्रालय और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) भी इस सम्मेलन के साथ सहयोग कर रहे हैं. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि स्मार्ट खेती का मतलब सिर्फ आधुनिक तकनीक अपनाना नहीं है. इसमें मिट्टी की सेहत बनाए रखना, किसानों की लागत कम करना और उनकी आमदनी बढ़ाना भी शामिल है.

कई केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री होंगे शामिल

इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा कई केंद्रीय मंत्री और राज्यों के मुख्यमंत्री भी हिस्सा लेंगे. इनमें केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान शामिल हैं.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी कार्यक्रम में शामिल होंगे. इनके अलावा उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही भी हिस्सा लेंगे. नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. अशोक लाहिड़ी, ICAR के महानिदेशक डॉ. एमएल जाट और मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र भी सम्मेलन में शामिल होंगे. इसके अलावा अर्जेंटीना के भारत में राजदूत मारियानो अगस्टिन कौसिनो समेत कई अंतरराष्ट्रीय कृषि विशेषज्ञ भी कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे.

सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे

कृषि सम्मेलन में किसानों की सफलता की कहानियों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे. पद्मश्री लोक गायक प्रहलाद टिपानिया, कवि रुद्र प्रताप रुद्र और भोजपुरी गायक चंदन तिवारी प्रस्तुति देंगे. अभिनेता, गायक और सांसद मनोज तिवारी भी कार्यक्रम में शामिल होंगे. सम्मेलन का समापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्ण सत्र में दिए जाने वाले संबोधन के साथ होगा. इसमें विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कृषि क्षेत्र और किसानों के भविष्य की दिशा पर बात होगी. इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए निमंत्रण जरूरी होगा. रजिस्ट्रेशन के लिए किसान तक की आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी दी गई है.