देश में पिछले कुछ महीनों से परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक को लेकर मचे बवाल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात छात्रों के नाम एक बेहद खास और सीधा संदेश जारी किया है. जंतर-मंतर पर जारी छात्रों के विरोध प्रदर्शन और बढ़ते तनाव को देखते हुए पीएम ने साफ शब्दों में कहा कि पेपर लीक कोई छोटी-मोटी घटना नहीं है, बल्कि यह लाखों युवाओं के भविष्य और उनके परिवारों के सपनों से जुड़ा एक बेहद गंभीर मुद्दा है. प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और अब और भी कड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई देखने को मिलेगी.
ADVERTISEMENT
कैबिनेट की बैठक में पास होगा सख्त कानून का खाका
पीएम मोदी ने अपने संदेश और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए बताया कि सरकार केवल पुरानी कार्रवाइयों से रुकने वाली नहीं है. उन्होंने जानकारी दी कि पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतें बनाई जाएंगी ताकि मुकदमों का निपटारा जल्द से जल्द हो सके. इसके अलावा आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए एक नया मसौदा यानी ड्राफ्ट देर रात तैयार कर लिया गया है.
शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इस मसौदे को रखा जाएगा. जहां मंत्रियों के सुझावों के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा. सोमवार से शुरू हो रहे संसद सत्र के दौरान सरकार इस विधेयक (Bill) को पेश कर जल्द से जल्द कानून का रूप देने की तैयारी में है.
छात्रों का साल बर्बाद न हो
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि पिछले ढाई महीनों में सरकार ने इस दिशा में कई कड़े कदम उठाए हैं और कई आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है. हालांकि, सरकार की सबसे बड़ी चिंता यह थी कि इन धांधलियों की वजह से मेहनती छात्रों का एक पूरा साल खराब न हो जाए. उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता थी कि समय रहते निष्पक्ष परीक्षाएं कराई जाएं. बहुत ही कम समय में करीब 22 लाख छात्रों की परीक्षा का इंतजाम किया गया और 19 तारीख को इसके नतीजे भी घोषित कर दिए गए. आज देश भर से सफल युवाओं की खुशी की तस्वीरें सामने आ रही हैं."
शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव
छात्रों के आंदोलन और पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ा चाबुक चलाया है. शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग में अचानक बड़ा बदलाव किया गया है. सीनियर आईएएस अधिकारी विनीत जोशी को उच्च शिक्षा विभाग के सचिव पद से हटाकर पंचायती राज मंत्रालय भेज दिया गया है.
उनकी जगह अब नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है. प्रशासनिक फेरबदल और पीएम के इस सख्त रुख से साफ है कि सरकार युवाओं के गुस्से को शांत करने और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए पूरी तरह से एक्शन मोड में आ चुकी है.
ये भी पढ़ें: 'चढ़ा दो गाड़ी, नहीं हटूंगी!' कौन हैं 'द हुडी गर्ल' रिया अहीर? जिन्होंने अकेले घुटनों पर ला दिया मुंबई पुलिस को
ADVERTISEMENT


