जाने-माने अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज ने हाल ही में न्यूज़ तक को दिए एक खास और बेबाक इंटरव्यू में देश के मौजूदा राजनीतिक हालात, वैचारिक मतभेदों और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपने विचार रखे हैं. वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई के साथ हुई इस बातचीत में प्रकाश राज ने तमाम तीखे सवालों के जवाब दिए और देश में बढ़ रहे ध्रुवीकरण पर गहरी चिंता जताई.
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विचारों की असहमति को 'देशद्रोह' मानना गलत
इंटरव्यू के दौरान बातचीत करते हुए प्रकाश राज ने कहा कि आज के समय में समाज और राजनीति में असहमति की आवाजों को दबाने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है. उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार या किसी विचारधारा से असहमत होना देशद्रोह नहीं है, बल्कि यह एक स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान है. उन्होंने कहा कि कलाकारों और विचारकों को चुप कराने की कोशिशें देश के मूल ताने-बाने को कमजोर कर रही हैं.
सोशल मीडिया ट्रोलिंग और राजनीति पर बेबाक राय
देश की मौजूदा राजनीतिक सरगर्मी और सोशल मीडिया पर चल रहे प्रोपेगैंडा को लेकर प्रकाश राज ने तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि आज के दौर में नफरत फैलाने वाले एजेंडे को सुनियोजित तरीके से बढ़ावा दिया जा रहा है. ट्रोल आर्मी और फेक नैरेटिव पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि जनता को अब यह समझने की जरूरत है कि असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे हथकंडों का इस्तेमाल किया जा रहा है.
आम जनता और बदलाव की उम्मीद
बातचीत के अंत में प्रकाश राज ने विश्वास जताया कि देश का आम नागरिक समझदार है. उन्होंने कहा कि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास जैसे असली मुद्दों पर बात होनी चाहिए, न कि नफरत की राजनीति पर. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे वैचारिक रूप से जागरूक बनें और समाज को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ सवाल पूछें.
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