पुणे मर्डर केस में क्रिकेट कनेक्शन! सिया के भाई का दोस्त निकला कातिल चेतन चौधरी, दिवाली पार्टी से शुरू हुई इश्क की कहानी

पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में बड़ा खुलासा हुआ है. मुख्य आरोपी सिया गोयल का भाई साहिल और शूटर चेतन चौधरी एक ही क्रिकेट टीम में खेलते थे. यहीं से सिया और चेतन की पहचान हुई, जो बाद में दोस्ती और फिर मर्डर की साजिश में बदल गई.

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ओमकार

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पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. इस मामले में अब एक नया और बेहद अहम कनेक्शन सामने आया है. पुलिस जांच में पता चला है कि केस की मुख्य आरोपी सिया गोयल और शूटर चेतन चौधरी के बीच संपर्क की असल वजह सिया का सगा भाई साहिल गोयल था. चेतन और साहिल एक ही क्रिकेट लीग में साथ खेलते थे. इसी खेल के दौरान सिया अक्सर अपने भाई के साथ मैदान पर जाती थी, जहां पहली बार उसकी मुलाकात चेतन चौधरी से हुई थी.

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दिवाली पार्टी में बढ़ीं नजदीकियां, कॉल डिटेल्स से खुला राज

पुलिस के मुताबिक, मैदान की यह सामान्य पहचान साल 2025 में एक कॉमन फ्रेंड की दिवाली पार्टी में गहरी दोस्ती में बदल गई. इस पार्टी के बाद सिया और चेतन के बीच बातचीत का सिलसिला तेजी से बढ़ा. दोनों लगातार एक-दूसरे के संपर्क में रहने लगे. पुलिस को मिले कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) भी इस बात की तस्दीक करते हैं कि दोनों के बीच अक्सर और काफी लंबी बातचीत होती थी.

लोनावला डिवीजन के डीएसपी गजानन टोनपे ने बताया कि जांच में दोनों आरोपियों की भूमिका पूरी तरह साफ हो चुकी है. इस सिलसिले में पुलिस ने सिया के भाई साहिल गोयल से पूछताछ की है और जल्द ही अन्य दोस्तों और रिश्तेदारों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे.

कत्ल से 24 घंटे पहले कैफे में हुई थी मुलाकात

इस पूरी खूनी साजिश में 17 जून की तारीख बेहद अहम मानी जा रही है. केतन अग्रवाल की मौत से ठीक एक दिन पहले यानी 17 जून को सिया गोयल और चेतन चौधरी पुणे के लुल्ला नगर इलाके के एक कैफे में मिले थे. यह मुलाकात शाम को करीब 4:30 बजे से 5:30 बजे तक चली. पुलिस अब इस बात की कड़ाई से तफ्तीश कर रही है कि इस एक घंटे की मुलाकात के दौरान क्या केतन की हत्या का पूरा ताना-बाना बुना गया था?

डिजिटल सबूत मिटाने की चालाकी, फोरेंसिक टीम करेगी जांच

केतन अग्रवाल की हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने शातिर दिमाग का इस्तेमाल किया. सिया और चेतन ने अपने मोबाइल फोन से सारी डिजिटल बातचीत पूरी तरह डिलीट कर दी थी. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने व्हाट्सएप चैट और इंस्टाग्राम एक्टिविटी को न सिर्फ डिलीट किया, बल्कि फोन के रीसायकल बिन को भी पूरी तरह क्लीन कर दिया ताकि डेटा रिकवर न हो सके. पुलिस ने अब दोनों के फोन जब्त कर लिए हैं और लोहगढ़ की घटना से पहले और बाद के डेटा को रिकवर करने के लिए इन्हें फोरेंसिक लैब भेजा गया है.

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