CM भगवंत मान वीडियो केस: प्राइवेट लैब से मनचाही रिपोर्ट लिखाने का खेल बेनकाब, हरियाणा पुलिस ने की दो गिरफ्तारियां

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के एक विवादित वीडियो को नकली और एआई-जनरेटेड साबित करने के लिए फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट बनवाने का मामला सामने आया है. गुरुग्राम पुलिस ने इस सिलसिले में जबरन 10 लाख रुपये की रिश्वत देने और दबाव बनाने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है.

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान. फाइल फोटो.

अरविंद ओझा

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े एक वायरल वीडियो विवाद में बड़ा खुलासा हुआ है. गुरुग्राम पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि मुख्यमंत्री को क्लीन चिट दिलाने के लिए एक फॉरेंसिक एक्सपर्ट को डराया-धमकाया गया और फर्जी रिपोर्ट बनाने के लिए 10 लाख रुपये की रिश्वत दी गई. पुलिस ने इस सिलसिले में एफआईआर (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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क्या है पूरा विवाद?

कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था. इस वीडियो में दिख रहे एक व्यक्ति को मुख्यमंत्री भगवंत मान बताया जा रहा था. वीडियो में सिख गुरुओं और भिंडरावाले की तस्वीरों के साथ कुछ आपत्तिजनक हरकतें की गई थीं. वीडियो के सामने आने के बाद सिख संगठनों ने भारी नाराजगी जताई थी. यहां तक कि अकाल तख्त ने भगवंत मान को खालसा पंथ विरोधी तक घोषित कर दिया था. हालांकि, आम आदमी पार्टी (AAP) ने शुरू से ही इन आरोपों को गलत बताया और कहा कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति मुख्यमंत्री नहीं है.

10 लाख रुपये की घूस और धमकी का आरोप

मामले में नया मोड़ तब आया जब हरियाणा के एक फॉरेंसिक एक्सपर्ट जसप्रीत ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. जसप्रीत का आरोप है कि पंजाब सरकार के अधिकारी बनकर कुछ लोग उनसे मिलने आए थे. वे चाहते थे कि जसप्रीत एक ऐसी फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करें, जिससे यह साबित हो सके कि वीडियो फर्जी है और उसमें भगवंत मान नहीं हैं.

शिकायत के मुताबिक, एक्सपर्ट को एक फाइव स्टार होटल में बुलाया गया, डराया गया और उनकी गाड़ी में जबरन 10 लाख रुपये कैश रख दिए गए. जब जसप्रीत ने इस काम से इनकार कर दिया, तो उन्हें सिरसा के अरुण महेंद्रा और जींद के अंकित नाम के दो लोगों से मिलाया गया. इन लोगों को अधिकारियों ने एक पेन ड्राइव भी सौंपी थी.

प्राइवेट लैब से बनवाई गई फर्जी रिपोर्ट

आरोप है कि बाद में दो प्राइवेट कंपनियों (सिफर सेंटिनल लैब और साइबरयान लैब्स) से मनमुताबिक रिपोर्ट तैयार करवाई गई. इस रिपोर्ट के ड्राफ्ट को वॉट्सऐप पर अधिकारियों के साथ शेयर किया गया और उनके कहने पर बदलाव भी किए गए. इस खुलासे के बाद शिकायतकर्ता जसप्रीत ने पुलिस से सुरक्षा और डिजिटल सबूतों को सुरक्षित रखने की मांग की है. गुरुग्राम पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच, पैसों के लेनदेन और डिजिटल सबूतों के आधार पर यह मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है.

पंजाब में सियासी घमासान, इस्तीफे की मांग

इस खुलासे के बाद पंजाब की राजनीति में भूचाल आ गया है. पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से तुरंत इस्तीफे की मांग की है. राजा वड़िंग ने कहा कि अकाल तख्त को गलत साबित करने के लिए फर्जी रिपोर्ट तैयार कराने की कोशिश बेहद शर्मनाक है. अब मुख्यमंत्री के पास अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है.

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