Who is Jagman Samra: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से जुड़े कुछ कथित वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसे लेकर राज्य की राजनीति पूरी तरह गर्मा गई है. इन वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं. वायरल वीडियो के सामने आने के बाद खुद मुख्यमंत्री भगवंत मान को इस पर सफाई देने के लिए सामने आना पड़ा है, जिसमें उन्होंने इसे एक सोची-समझी साजिश करार दिया है.
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सिलिकॉन मास्क पहनकर वीडियो बनाने का दावा
वहीं मामले में बाेलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मोहाली में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह वीडियो पूरी तरह से फर्जी है. उनका दावा है कि उनके जैसी कद-काठी से मिलते-जुलते एक व्यक्ति ने चेहरे पर सिलिकॉन मास्क लगाकर यह वीडियो शूट किया है. मान ने बताया कि बचपन में उनके कान के पास एक कट का निशान था, जो इस वीडियो में दिखाई नहीं दे रहा है क्योंकि वह मास्क के पीछे छुप गया है. उन्होंने इसे अपनी धार्मिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने की विपक्षी दलों की साजिश बताया है.
साजिश के पीछे NRI जगमन समरा का नाम
सीएम भगवंत मान ने इस पूरे घटनाक्रम के पीछे कनाडा में रहने वाले ब्लैक मेलर जगमन सांवरा उर्फ जगमनदीप सिंह समरा की बड़ी भूमिका होने का दावा किया है. मान के अनुसार, विरोधियों ने कनाडा के एक होटल का कमरा बुक किया और वहां यह वीडियो तैयार करवाया. कमरे का डिजाइन साल 2017 और 2018 के बाद का है, जबकि वह खुद साल 2016 के बाद से कभी कनाडा गए ही नहीं हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कनाडा के किसी होटल के कमरे में सिख गुरुओं की तस्वीरें कैसे लगी हो सकती हैं.
आरोपी जगमन समरा ने आरोपों पर किया पलटवार
दूसरी तरफ, इस साजिश के मुख्य आरोपी माने जा रहे एनआरआई जगमन समरा ने फेसबुक पर एक वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री के दावों का खंडन किया है. समरा ने कहा कि अब इस मामले में अचानक मास्क की नई थ्योरी सामने ला दी गई है. उन्होंने दावा किया कि श्री अकाल तख्त साहिब ने जब इस वीडियो की जांच करवाई थी, तब मास्क वाली कोई बात सामने नहीं आई थी. समरा का कहना है कि यह वीडियो साल 2014 की बनी हुई है और इसे उन्होंने रिकॉर्ड नहीं किया है.
कौन है जगमन समरा?
विवादों में घिरे जगमन समरा को जगदीपन उर्फ जुगनू नाम से भी जाना जाता है. वह मूल रूप से पंजाब के संगरूर जिले के फग्गूवाला गांव का रहने वाला है और वर्तमान में कनाडा में है. समरा पुलिस और अदालतों के लिए एक वांछित अपराधी है. साल 2020 में फिरोजपुर के एक थाने में उसके खिलाफ 65 लाख रुपये की धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज हुआ था. फरवरी 2022 में वह फरीदकोट के एक मेडिकल कॉलेज अस्पताल से इलाज के बहाने जेल से फरार होकर दोबारा अवैध रूप से कनाडा भाग गया था, जिसके बाद फरीदकोट अदालत ने उसके खिलाफ वारंट भी जारी किया है.
जानें क्या है इस पूरे बड़े विवाद की जड़
इस पूरे विवाद की शुरुआत उस कथित वीडियो से हुई थी, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान के जैसे दिखने वाले एक व्यक्ति को सिख गुरुओं और संत जरनैल सिंह भिंडरावाले की तस्वीरों के साथ आपत्तिजनक गतिविधियां करते हुए दिखाने का दावा किया गया था. इस मामले में जनवरी में अकाल तख्त ने मुख्यमंत्री को तलब किया था. अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज के अनुसार, दो फॉरेंसिक लैब की जांच में वीडियो के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं पाई गई. हालांकि, इसके बाद हरियाणा से एक और फॉरेंसिक रिपोर्ट पेश की गई जिसमें वीडियो वाले व्यक्ति को सीएम मान नहीं बताया गया, लेकिन हरियाणा पुलिस ने बाद में इस रिपोर्ट को फर्जी तरीके से तैयार करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया, जिससे विवाद और गहरा गया.
विपक्षी दलों ने तेज की मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग
वीडियो की सच्चाई और फॉरेंसिक रिपोर्ट के दावों के बीच पंजाब की राजनीति में भूचाल आ गया है. शिरोमणि अकाली दल, बीजेपी और कांग्रेस जैसी विपक्षी पार्टियां मुख्यमंत्री भगवंत मान पर लगातार हमलावर हैं और उनसे तुरंत इस्तीफे की मांग कर रही हैं. विपक्ष का कहना है कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े इतने गंभीर मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, मुख्यमंत्री को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है.
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