महिला वर्ग को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकारें अक्सर नई-नई स्कीमें लाती रहती है. इसी कड़ी में रविवार 8 मार्च को पंजाब सरकार ने भी बजट सत्र के दौरान 'मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना' का ऐलान किया है. इस योजना के तहत सामान्य वर्ग(जनरल कैटेगरी) की महिलाओं को 1000 रुपए प्रतिमाह और अनुसूचित जाति(SC) वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपए प्रतिमाह मिलेंगे. लेकिन अब सवाल आता है कि क्या यह राशि सबको मिलेगी या फिर सरकार ने इसके लिए भी कोई पात्रता रखी है? साथ ही योजना की राशि पाने के लिए किन-किन दस्तावेजों की जरूरत होगी और कब मिलेंगे ये पैसे? विस्तार से जानिए इन्हीं सभी सवालों के जवाब.
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क्या है मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना?
पंजाब सरकार ने राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना का ऐलान किया है. 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सरकार ने अपने चुनावी वादा पूरा करते हुए कहा है कि राज्य की 18 साल से अधिक उम्र की सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1000 रुपए प्रति महीना और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपए प्रति महीना दिया जाएगा. साथ ही यह राशि DBT(Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाएंगी यानी सीधे लाभार्थी के खाते में जाएगी. वहीं इस योजना के लिए बैसाखी(13 अप्रैल) से रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएगा.
योजना के लिए पात्रता?
इस योजना के लिए सरकार ने एक मापदंड भी बनाया है, जिसके तहत ही पैसा दिया जाएगा:
- लाभार्थी का उम्र 18 साल या उससे ज्यादा होना चाहिए.
- लाभार्थी वर्तमान या पूर्व में सरकारी कर्मचारी नहीं होनी चाहिए.
- लाभार्थी पूर्व में या वर्तमान में सांसद/विधायक नहीं होनी चाहिए.
- लाभार्थी किसी भी रूप में इनकम टैक्स के दायरे में नहीं आती हो.
किन-किन डॉक्यूमेंट्स की होगी जरूरत?
मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना के लिए अभी तक कोई दस्तावेजों की सूची जारी नहीं की गई है. लेकिन आमतौर पर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए नीचे दिए गए डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होती है:
- लाभार्थी का आधार कार्ड
- बैंक डिटेल्स
- आवासीय प्रमाण पत्र
- आयु प्रमाण पत्र
- मोबाइल नंबर
कैसा होगा आवेदन?
अभी तक मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना के लिए कोई आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है. लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस योजना के लिए सरकार ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही माध्यमों से आवेदन स्वीकार करेगी. साथ ही सरकार अलग-अलग जगहों पर कैंप लगाकर इस योजना से महिलाओं को जोड़ने का काम कर सकती है.
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