देश में परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों को लेकर सियासत पूरी तरह गरमा गई है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नीट (NEET) और सीयूईटी (CUET) जैसी बड़ी परीक्षाओं के विवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोला है.
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राहुल गांधी ने सरकार के 'विश्वगुरु' के नारे पर तंज कसते हुए कहा कि देश में एक भी परीक्षा ईमानदारी से नहीं कराई जा रही है. दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए राहुल गांधी के बयान को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है.
चार परीक्षाएं और एक करोड़ छात्र
राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर केंद्र सरकार को घेरते हुए लिखा कि नीट, सीबीएसई, एसएससी और अब सीयूईटी को मिलाकर चार बड़ी परीक्षाएं प्रभावित हुई हैं. इससे करीब एक करोड़ बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है.
कांग्रेस नेता ने आगे लिखा, "दावे तो 'विश्वगुरु' बनने के किए जाते हैं, लेकिन सरकार देश में एक परीक्षा भी ठीक से आयोजित नहीं करवा सकती. मोदी जी ने देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है." उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जिस युवा पीढ़ी का भविष्य आज बर्बाद किया जा रहा है, वही पीढ़ी आने वाले समय में इसका हिसाब मांगेगी.
पीएम मोदी पर लगाया सीधा आरोप
राहुल गांधी का यह गुस्सा केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दिए गए उस बयान के बाद फूटा, जिसमें सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को भरोसा दिया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद नीट परीक्षा की निष्पक्षता की निगरानी कर रहे हैं.
इस पर पलटवार करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से नीट परीक्षा के पेपर लीक होने की भी निगरानी की थी. राहुल गांधी पिछले काफी समय से नीट परीक्षा में धांधली और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर सरकार पर हमलावर हैं.
राहुल को दी नसीहत
राहुल गांधी के इन गंभीर आरोपों के बाद बीजेपी भी पूरी तरह हमलावर हो गई है. केंद्रीय पर्यटन मंत्री और बीजेपी नेता गजेंद्र सिंह शेखावत ने राहुल गांधी के बयान को बेहद अपरिपक्व बताया. उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता को इस तरह के संवेदनशील मुद्दों पर गंभीरता दिखानी चाहिए, न कि राजनीतिक फायदे के लिए सनसनी फैलानी चाहिए.
गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, "राहुल गांधी के बेतुके बयान उनकी राजनीतिक अपरिपक्वता को दिखाते हैं. देश के युवाओं से जुड़े मुद्दों पर उन्हें राजनीति करने के बजाय तथ्य सामने रखने चाहिए. इस तरह की बयानबाजी से छात्रों और उनके परिवारों का भरोसा टूटता है." उन्होंने आगे कहा कि देश के युवाओं को पीएम मोदी की नीतियों और उनके नेतृत्व पर पूरा भरोसा है, जबकि राहुल गांधी सिर्फ बचकानी राजनीति कर रहे हैं.
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