राहुल गांधी के खिलाफ केस का जिक्र, CJI सूर्यकांत ने वकील को लगाई जबरदस्त फटकार

राजू झा

• 01:11 PM • 28 Oct 2026

सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में याचिका पर सुनवाई के दौरान, पब्लिसिटी के लिए बेतुकी दलीलें देने वाले वकील को कड़ी फटकार लगाई. साथ ही, कोर्ट ने मामलों की जल्द सुनवाई मांगने के दौरान होने वाली लाइव स्ट्रीमिंग को तत्काल बंद करने के मौखिक निर्देश दिए हैं.

राहुल गांधी, CJI सूर्यकांत
राहुल गांधी, CJI सूर्यकांत
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सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कड़ी नाराजगी जताई. अदालत ने याचिका लेकर पहुंचे वकील को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि इस मांग का न तो कोई सिर है और न ही पैर.

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CJI ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल राजनीतिक बयानों के जरिए सुर्खियों में आने और मीडिया में पब्लिसिटी पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के कीमती समय को बर्बाद नहीं किया जाना चाहिए. इस घटना के तुरंत बाद कोर्ट ने मामलों की जल्द सुनवाई मांगने के दौरान होने वाली लाइव स्ट्रीमिंग को रोकने के मौखिक निर्देश भी जारी किए.

क्या है पूरा मामला?

ये पूरा विवाद 17 अगस्त 2026 के सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के उस फैसले पर अंतरिम रोक लगाई गई थी, जिसमें सीबीआई और ईडी को राहुल गांधी की संपत्तियों की जांच के निर्देश दिए गए थे. इसके बावजूद एक वकील ने अदालत में जल्द सुनवाई की मांग करते हुए दलील दी कि राहुल गांधी ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर कहा था कि उनकी पार्टी के संपर्क में ईडी और सीबीआई के करीब 200 अधिकारी हैं.

इस दलील पर कड़ा रुख अपनाते हुए CJI सूर्यकांत ने कहा कि याचिका का कोई ठोस आधार नजर नहीं आता. इसके साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के स्टाफ को निर्देश दिया कि जब भी कोई वकील इस तरह से सनसनी फैलाने या पब्लिसिटी हासिल करने की कोशिश करे, तो कोर्ट की कार्यवाही की रिकॉर्डिंग व लाइव स्ट्रीमिंग तुरंत बंद कर दी जाए.

राहुल गांधी का विवादित बयान और प्रियंका गांधी का रिएक्शन

हाल ही में राहुल गांधी ने एक कार्यक्रम के दौरान दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के कई अधिकारी उनके संपर्क में हैं और उन्हें लगातार जानकारियां दे रहे हैं. इस मामले में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने लिखा कि सच को कभी भी लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता और उनके भाई की छवि खराब करने के लिए झूठे मुकदमे थोपने का घटिया अभियान चलाया जा रहा है. वहीं, राहुल गांधी ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए 'सत्यम शिवम सुंदरम' की बात कही.

इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर लगी है रोक

गौरतलब है कि राहुल गांधी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले की शुरुआत कर्नाटक के एक बीजेपी कार्यकर्ता की याचिका से हुई थी. मई 2026 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीबीआई और ईडी को शिकायतों का सत्यापन करने का निर्देश दिया था. इस आदेश को राहुल गांधी के वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसके बाद 17 अगस्त 2026 को CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने हाईकोर्ट की कार्यवाही और सुनवाई पर अगले आदेश तक रोक लगा दी थी. अदालत ने यह भी सवाल उठाया था कि बिना ठोस सबूत और राहुल गांधी को सुने बिना ऐसे निर्देश कैसे जारी किए जा सकते हैं. इस पूरी कानूनी प्रक्रिया और सुप्रीम कोर्ट की इस सख्त कार्रवाई ने एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है.

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