राहुल गांधी का BJP पर बड़ा हमला, बोले- परिसीमन तमिलनाडु की ताकत छीनने की साजिश, 'एट्टप्पन' का किया जिक्र

अनघा

• 07:42 PM • 01 Aug 2026

Rahul Gandhi Statement on Delimitation: तमिलनाडु के महाबलीपुरम में कांग्रेस कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने परिसीमन को लेकर बीजेपी पर बड़ा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया तमिलनाडु की राजनीतिक ताकत कम करने की साजिश है और 'एट्टप्पन' का जिक्र करते हुए इसका समर्थन करने वालों पर भी निशाना साधा.

परिसीमन पर राहुल गांधी का बड़ा बयान (File Photo)
परिसीमन पर राहुल गांधी का बड़ा बयान (File Photo)
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Rahul Gandhi on Delimitation: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी पर परिसीमन प्रक्रिया को लेकर तीखा हमला बोला है. राहुल गांधी ने तमिलनाडु के महाबलीपुरम में जिला कांग्रेस कमेटी (DCC) के अध्यक्षों के लिए आयोजित एक प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान यह बात कही. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित परिसीमन का मुख्य उद्देश्य तमिलनाडु की राजनीतिक ताकत और संसद में उसकी आवाज को दबाना है.

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'एट्टप्पन' का जिक्र कर साधा निशाना

कार्यक्रम में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि "परिसीमन का ढांचा इस तरह तैयार किया गया है कि तमिलनाडु के लोगों से उनकी ताकत छीनी जा सके. यह भारतीय जनता पार्टी की एक साजिश है." तमिल इतिहास का संदर्भ देते हुए उन्होंने आगे कहा, "तमिल भाषा में एट्टप्पन नाम का एक ऐतिहासिक पात्र था, जिसे धोखे का प्रतीक माना जाता है. जो भी व्यक्ति इस परिसीमन का समर्थन कर रहा है, वह तमिलनाडु और राज्य के भविष्य के साथ गद्दारी कर रहा है. किसी भी तमिल नागरिक को इसका समर्थन नहीं करना चाहिए. देश की हर राष्ट्रीय पार्टी को एकजुट होकर इस परिसीमन का विरोध करना होगा."

दक्षिण भारत के राज्यों में प्रतिनिधित्व घटने का डर

आपको बता दें कि केंद्र सरकार की इस प्रस्तावित परिसीमन योजना को लेकर पूरे दक्षिण भारत में राजनीतिक बहस छिड़ी हुई है. तमिलनाडु समेत कई दक्षिणी राज्यों को यह चिंता सता रही है कि जनसंख्या नियंत्रण के मामले में बेहतर प्रदर्शन करने के बावजूद, इस प्रक्रिया के कारण संसद में उनकी हिस्सेदारी और प्रतिनिधित्व कम हो जाएगा.

परिसीमन का विरोध करेगी TVK

संसद में 22 सांसद होने के बावजूद कांग्रेस पार्टी का परिसीमन के खिलाफ अभियान बीते कुछ महीनों में थोड़ा धीमा पड़ा था. हालांकि, अब पार्टी अपनी सहयोगी 'द्रविड़ मुनेत्र कड़गम' (DMK) के साथ मिलकर इस कदम का लगातार विरोध कर रही है. दूसरी ओर, मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सत्ताधारी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) ने भी अपना रुख साफ कर दिया है. भले ही संसद में टीवीके का अभी कोई प्रतिनिधि नहीं है, लेकिन पार्टी ने स्पष्ट किया है कि तमिलनाडु के हितों को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी परिसीमन का वे पूरी ताकत से विरोध करेंगे.