केरल के दौरे पर पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है. राहुल गांधी ने दोनों नेताओं को 'सत्ता के नशे में चूर' (Drunk on Power) बताते हुए कहा कि इनका जनता के साथ रिश्ता पूरी तरह से टूट चुका है और आगामी चुनाव महज एक औपचारिकता है.
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सत्ता के नशे में हैं मोदी और विजयन
राहुल गांधी ने संसद और केरल की सड़कों की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जब विपक्ष के सांसद या आम लोग अपना विरोध दर्ज कराते हैं, तो ये नेता इसे खुद पर हमला मान लेते हैं. उन्होंने कहा, "जब तीन-चार लोग मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाते हैं तो उन्हें लगभग मरणासन्न होने तक पीटा जाता है. वे यह नहीं कह पाते कि ये लोग मुझसे सहमत नहीं हैं इसलिए विरोध कर रहे हैं. इसके बजाय वे कल्पना करते हैं कि उन पर हमला हो रहा है और वे पलटकर हमला करते हैं. यह सत्ता के नशे में चूर होने का उदाहरण है."
मुझ पर केस हुए, घर छीना, लेकिन मैं पीछे नहीं हटा
राहुल गांधी ने अपनी कानूनी लड़ाइयों का जिक्र करते हुए कहा कि वह बीजेपी और आरएसएस से लगातार लड़ रहे हैं. उन्होंने कहा, "मुझ पर 36-38 केस दर्ज हैं, मेरा सरकारी घर छीन लिया गया, लोकसभा की सदस्यता ले ली गई, मुझसे 55 घंटे पूछताछ की गई लेकिन मैं पीछे नहीं हटा." उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री मोदी उन पर तो हर रोज हमला करते हैं लेकिन केरल के मुख्यमंत्री और उनके परिवार पर चुप्पी क्यों साध लेते हैं?
मंदिर में 'सोना चोरी' पर पीएम की चुप्पी पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने धार्मिक मुद्दों पर भी प्रधानमंत्री को घेरा. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी अपने हर भाषण में भगवान, मंदिर और धर्म का जिक्र करते हैं लेकिन केरल के सबसे प्रतिष्ठित भगवान अयप्पा के मंदिर से जब सोना चोरी हुआ और उसकी जगह पीतल लगाया गया तब प्रधानमंत्री केरल आकर भी इस पर एक शब्द नहीं बोले. राहुल ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी मुख्यमंत्री और एलडीएफ (LDF) की मदद करना चाहते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि एलडीएफ उन्हें कभी चुनौती नहीं दे सकती.
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