CBSE OSM विवाद: हमें देश विरोधी और पाकिस्तानी कहा गया..., राहुल गांधी से मिलकर छलका 12वीं के छात्र वेदांत का दर्द

सीबीएसई मार्किंग विवाद के बीच राहुल गांधी ने पीड़ित छात्रों से मुलाकात की, जहां छात्रों ने कॉपियों में हुई गड़बड़ी पर सवाल उठाने पर खुद को 'देश विरोधी' और 'पाकिस्तानी' कहे जाने का दर्द साझा किया.

राहुल गांधी से मिले वेदांत
राहुल गांधी से मिले वेदांत

न्यूज तक डेस्क

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CBSE के ऑनलाइन ऑन-स्क्रीन मार्किंग विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 12वीं कक्षा के पीड़ित छात्रों से मुलाकात की है. इस मुलाकात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें छात्र अपनी आपबीती सुनाते हुए भावुक नजर आ रहे हैं. राहुल गांधी से बातचीत के दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपनी कॉपियों में हुई गड़बड़ी पर सीबीएसई और मोदी सरकार से सवाल पूछे, तो उन्हें 'देश विरोधी' और 'पाकिस्तानी एजेंट' तक कह दिया गया. 

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मेरी आंसर शीट में किसी और की हैंडराइटिंग थी

राहुल गांधी से मुलाकात करने वाले छात्रों में 12वीं के छात्र वेदांत श्रीवास्तव भी शामिल थे. वेदांत ने इस पूरे विवाद की शुरुआत बताते हुए कहा, "मेरा फिजिक्स का एग्जाम बहुत अच्छा गया था, लेकिन जब रिजल्ट आया तो नंबर बहुत कम थे. इसके बाद मैंने सीबीएसई के नियम के तहत फोटोकॉपी के लिए अप्लाई किया, लेकिन जब मैंने अपनी आंसर शीट खोली तो दंग रह गया. उसमें मेरी हैंडराइटिंग ही मैच नहीं हो रही थी. वह शीट मेरी थी ही नहीं, बल्कि किसी और छात्र की थी. जब मैंने यह दिक्कत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर शेयर की तो मुझे लोगों का बड़ा सपोर्ट मिला. लेकिन बात बढ़ने पर हमें शांत कराने के लिए ट्रोल किया जाने लगा".

17 साल के डीप स्टेट एजेंट्स...? राहुल गांधी ने साधा निशाना

वेदांत श्रीवास्तव और उनके दोस्तों ने राहुल गांधी को बताया कि विवाद बढ़ने पर सोशल मीडिया पर उन्हें डीप स्टेट एजेंट, जॉर्ज सोरोस का एजेंट और पाकिस्तानी कहकर प्रताड़ित किया गया. इस पर तंज कसते हुए राहुल गांधी ने हंसकर कहा, "17 साल के डीप स्टेट एजेंट्स? भैया, जरा इन आतंकियों के चेहरे तो दिखाओ!" 

राहुल गांधी ने छात्रों का समर्थन करते हुए कहा, "यह बेहद अजीब और गलत है. आप सिर्फ छात्र हैं, आपका किसी और चीज से कोई लेना-देना नहीं है. आप सिर्फ अपनी सही आंसर शीट मांग रहे थे. अगर आप किसी समस्या को हल करना चाहते हैं तो पहले समस्या को स्वीकार करना होगा, लेकिन सरकार समस्या मानने के बजाय छात्रों पर ही आरोप लगा रही है".

अपमान के बजाय हक मिलना चाहिए

राहुल गांधी ने इस मुलाकात का 90 सेकंड का एक वीडियो क्लिप अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया है. उन्होंने लिखा, "मेरे साथी राष्ट्र विरोधी सोरोस एजेंटों के साथ एक दिलचस्प बातचीत! वेदांत और उनके दोस्त प्रतिभाशाली, साहसी युवा भारतीय हैं जिन्होंने सीबीएसई और मोदी सरकार से एक आसान सा सवाल पूछा, लेकिन उन्हें उत्तरों के बजाय अपमान मिला. वे एक उज्जवल और सुरक्षित भविष्य के हकदार हैं और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि वह उन्हें मिले."
 
वहीं, कांग्रेस पार्टी ने भी इस मुद्दे पर छात्रों के साथ मजबूती से खड़े रहने और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देने का संकल्प दोहराया है. राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि करीब 18 लाख 5 हजार छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया गया है. 

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पलटवार- 'मानसिकता खो चुके हैं राहुल'

इस पूरे विवाद और विपक्ष के हमलों पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का भी बयान सामने आया है. धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सीबीएसई इस मामले पर पहले ही जिम्मेदारी के साथ अपना पक्ष रख चुका है और पूरी प्रक्रिया भारत सरकार की खरीद नीति के तहत ही हुई है. 

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा, "राहुल गांधी जी निरंतर चुनाव हारने के कारण फ्रस्ट्रेशन (हताशा) में जा चुके हैं और एक अलग मानसिकता में पहुंच चुके हैं, उन्होंने हमेशा डिजिटल इंडिया, ईवीएम और देश की वैज्ञानिक प्रगति का विरोध किया है. इसके साथ ही उन्होंने अपील की कि यह समय राजनीति करने का नहीं है, ताकि परीक्षार्थी बच्चों का मानसिक तनाव न बढ़े. हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगर कोई गड़बड़ी हुई होगी तो किसी को बख्शा नहीं जाएगा. 

मामले का क्या हुआ समाधान?

इस हाई-प्रोफाइल विवाद के बाद आखिरकार सीबीएसई ने अपनी गलती को सुधार लिया है. पीड़ित छात्र वेदांत श्रीवास्तव को अब उनकी सही आंसर शीट भेज दी गई है और इस तकनीकी समस्या को हल कर लिया गया है.

 

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