रांची में JPSC-JSSC प्रदर्शन के दौरान AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पर फेंकी गई स्याही, बोलीं- 'टियर गैस और लाठियों से नहीं डरे, तो स्याही से क्या डरेंगे'

न्यूज तक डेस्क

07 Aug 2026 (अपडेटेड: Aug 7 2026 5:08 PM)

रांची में JPSC और JSSC CGL परीक्षा गड़बड़ी के खिलाफ विधानसभा घेराव के दौरान AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकी गई. जानें नेहा बोरा का पूरा भाषण और आंदोलन का बैकग्राउंड.

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नेहा बोरा पर एक युवक ने फेंकी स्याही.
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JPSC-JSSC Protest news : झारखंड में JPSC और JSSC CGL परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन उग्र रूप लेता जा रहा है. आंदोलन के 14वें दिन रांची में विधानसभा घेराव और मार्च के दौरान उस वक्त भारी हंगामा हो गया, जब ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर एक अज्ञात युवक ने स्याही फेंक दी.

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स्याही फेंके जाने के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. प्रदर्शनकारी छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए स्याही फेंकने वाले युवक को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है. 

इंक अटैक के बाद नेहा बोलीं- "नफरत की राजनीति की चूलें हिला देंगे" 

स्याही फेंके जाने के बावजूद नेहा बोरा पीछे नहीं हटीं और उन्होंने मंच से छात्रों को संबोधित करते हुए विरोधियों पर तीखा हमला बोला. नेहा ने कहा- "20 जुलाई को हमारे ऊपर टियर गैस के गोले दागे गए थे, लाठियां चलाई गई थीं, पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ था. अगर छात्र तब नहीं डरे, तो आपकी यह मामूली स्याही हमें क्या डराएगी? जो लोग स्टेडियम में बैठकर खुद को छात्रों का हितैषी बताते हैं, जब छात्र JPSC और JSSC CGL की धांधली के खिलाफ विधानसभा मार्च निकाल रहे हैं, तो वही लोग हमारे ऊपर इंक फिंकवा रहे हैं."

"जो लोग यह सोचते हैं कि स्याही फेंककर देश भर के नौजवानों और छात्रों के गुस्से को ठंडा कर देंगे, उन्हें हमारी खुली चुनौती है-अगर इस उभरते छात्र आंदोलन ने आपकी नफरत की राजनीति की चूलें नहीं हिला दीं, तो धिक्कार है ऐसी छात्र राजनीति पर."

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नेहा ने उठाई ये मांग 

नेहा बोरा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा- "हमारी साफ़ मांग है कि शिक्षा व्यवस्था में बैठी प्राइवेट एजेंसियों को तुरंत हटाया जाए. जब भी कोई पेपर लीक होता है, तो उसका ठीकरा किसी प्राइवेट वेंडर पर नहीं फोड़ा जा सकता. परीक्षा कराने की पूरी जिम्मेदारी सरकारी संस्थाओं की होनी चाहिए. आम छात्रों द्वारा 10 तारीख को दी गई कॉल का हम पूरा समर्थन करते हैं."

क्यों हो रहा है रांची में छात्रों का आंदोलन? 

झारखंड की राजधानी रांची में पिछले दो हफ्तों से छात्र सड़कों पर डटे हुए हैं. JPSC और JSSC CGL परीक्षाओं में धांधली का आरोप लगा छात्र राज्य में आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में भारी अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और पेपर लीक के आरोपों धरने पर हैं. छात्र JPSC और JSSC CGL परीक्षाओं को रद्द करने या निष्पक्ष जांच कराने की मांग कर रहे हैं. साथ ही आंदोलन करने वाले छात्रों का कहना है कि परीक्षाओं के संचालन का जिम्मा प्राइवेट वेंडर्स/एजेंसियों को न देकर सीधे सरकारी आयोगों द्वारा पारदर्शिता से कराया जाए. 

इनपुट: सत्यजीत

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