क्या ₹3000 का सालाना FASTag पास स्टेट हाईवे पर भी चलेगा? नितिन गडकरी ने दिया जवाब!

Nitin Gadkari Fastag Clarification:​​​​​​​ टोल प्लाजा पर लगने वाले लंबे जाम और हर बार रिचार्ज कराने की झंझट से अब लोगों को मुक्ति मिलने वाली है. सरकार ने FASTag यूजर्स के लिए एक बड़ी खुशखबरी का ऐलान किया है.

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Nitin Gadkari Fastag Clarification: टोल प्लाजा पर लगने वाले लंबे जाम और हर बार रिचार्ज कराने की झंझट से अब लोगों को मुक्ति मिलने वाली है. सरकार ने FASTag यूजर्स के लिए एक बड़ी खुशखबरी का ऐलान किया है. अब आपको सालाना पास का विकल्प मिलेगा, जिसकी कीमत सिर्फ 3,000 रुपये होगी. यह नया पास 15 अगस्त से देशभर में लागू हो जाएगा.

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अभी तक FASTag यूजर्स को सिर्फ मंथली पास या जरूरत के हिसाब से रिचार्ज कराने की सुविधा मिलती थी. लेकिन, इस नए सालाना पास से यात्रा करना और भी आसान और किफायती हो जाएगा.

क्यों लाया गया यह नया पास?

सरकार का दावा है कि इस नए सालाना पास से देशभर के नेशनल हाईवे पर टोल प्लाजा पर लगने वाली भीड़ कम होगी और पेमेंट करना भी काफी आसान हो जाएगा. यह पास खासकर नॉन-कमर्शियल प्राइवेट व्हीकल्स जैसे कार, जीप और वैन के लिए है.

खुशखबरी! अब सिर्फ ₹3,000 में साल भर के लिए मिलेगा FASTag पास! नितिन गडकरी का बड़ा ऐलान

क्या है इस पास की खासियत?

केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर वीडियो शेयर इस सालाना पास के बारे में बताया उन्होंने बताया कि इस पास से सालान 7 हजार रुपए की बचत होगी. आइए इस पास की खासियत देखते हैं...

1. वैधता: यह पास एक साल तक या 200 ट्रिप्स तक मान्य होगा.

2. बचत: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक वीडियो जारी कर बताया कि इस पास से लोगों को सालाना कम से कम 7,000 रुपये की बचत होगी. उनका कहना है कि जहां अभी  लोगों को सालाना 10,000 रुपये से ज्यादा का टोल चुकाना पड़ता था, वहीं अब सिर्फ 3,000 रुपये में काम हो जाएगा.

3. कम लागत: गडकरी ने यह भी बताया कि इस पास से एक टोल क्रॉसिंग की औसत लागत सिर्फ 15 रुपये पड़ेगी, जबकि कुछ जगहों पर यह 80 से 100 रुपये तक होती है.

4. सुविधा: सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आपको टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे समय की बचत होगी और ट्रैफिक कम होगा.

किन सड़कों पर मिलेगा फायदा?

यह स्कीम केवल नेशनल हाईवे पर लागू होगी, क्योंकि यह केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं. राज्य सरकारों के अधीन सड़कों पर यह स्कीम लागू नहीं होगी.

देखिए नितिन गड़करी ने क्या बताया 

 

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