'पीठ में छुरा घोंपने वालों को नहीं बख्शेंगे...इस्तीफा दो और जाओ', संजय राउत ने बागी सांसदों दी खुली चुनौती

शिवसेना (UBT) में बगावत की खबरों के बीच संजय राउत ने सांसदों को सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि सभी सांसदों ने साईं बाबा और मां भवानी की कसमें खाई हैं. अगर फिर भी किसी ने गद्दारी की, तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। राउत ने साफ कहा कि जाने वाले इस्तीफा देकर जा सकते हैं.

Sanjay Raut Press Conference
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तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बाद अब शिवसेना (UBT) में भी बड़ी बगावत की सुगबुगाहट तेज हो गई है. पार्टी के भीतर टूट की खबरों के बीच शिवसेना (UBT) के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने मोर्चा संभाल लिया है. दिल्ली में अपने सरकारी आवास पर एक आपात प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर राउत ने बागी रुख अपनाने वाले सांसदों को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है. उन्होंने साफ कहा कि अगर कसम खाने के बाद भी किसी ने पार्टी से गद्दारी की तो उसे अंजाम भुगतना होगा.

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हमारे पास है 'ऑपरेशन टाइगर': संजय राउत

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संजय राउत के तेवर बेहद आक्रामक नजर आए. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने इस पूरी स्थिति को 'ऑपरेशन टाइगर' का नाम दिया. इस दौरान उनके साथ मंच पर शिवसेना (UBT) के लोकसभा नेता अरविंद सावंत, चीफ व्हिप अनिल देसाई और नासिक से सांसद राजाभाऊ वाघचौरे भी मौजूद थे. राउत ने सांसदों के लापता होने की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी के कुछ सांसद इस वक्त मुंबई में हैं और कुछ दिल्ली में मौजूद हैं, सभी पूरी तरह से संपर्क में हैं.

धनुष-बाण के निशान पर सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई जारी

पार्टी के पारंपरिक चुनाव चिह्न का जिक्र करते हुए संजय राउत ने दोहराया कि 'धनुष-बाण' का असली निशान सिर्फ और सिर्फ शिवसेना का था और उद्धव ठाकरे का है. इस हक को वापस पाने के लिए पार्टी सुप्रीम कोर्ट तक गई है और कानूनी लड़ाई मजबूती से लड़ी जा रही है. ऐसे मोड़ पर अगर कोई भी पीठ पीछे छुरा घोपता है, तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा. फिलहाल राउत ने दावा किया है कि उनके सभी सांसद एकजुट हैं, लेकिन इस बयान ने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है.

'मातोश्री' में हुई बैठक, सांसदों ने खाई कसम

प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय राउत ने बताया कि पार्टी के सभी सांसद इस वक्त पूरी तरह एकजुट हैं. उन्होंने बड़ा खुलासा करते हुए कहा, "14 जून को 'मातोश्री' (उद्धव ठाकरे के आवास) में एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक हुई थी. इस बैठक में 5 सांसद व्यक्तिगत रूप से मौजूद थे, जबकि बाकी के सांसद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े थे."

राउत के मुताबिक, इस बैठक में सभी सांसदों ने पार्टी के प्रति निष्ठावान रहने का भरोसा दिया है. उन्होंने कहा, "हमारे सांसदों ने शिरडी के साईं बाबा, मां भवानी और अपनी मां तक की पवित्र सौगंध खाई है. इतनी बड़ी कसम लेने के बाद भी अगर कोई पाला बदलता है या दगाबाजी करता है तो शिवसेना (UBT) उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शेगी नहीं."

उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "जिन्हें पार्टी छोड़कर जाना है, वे शौक से जाएं, लेकिन पहले सांसद पद से इस्तीफा दें. दगाबाजी करने वालों को सबक सिखाया जाएगा."

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखी चिट्ठी, जारी हुआ व्हिप

संजय राउत ने कानूनी और तकनीकी मोर्चे पर भी पार्टी की तैयारी साफ कर दी. उन्होंने बागियों को सचेत करते हुए कहा, "आप सभी हमारी पार्टी के टिकट पर जीतकर संसद पहुंचे हैं. हमने सभी के लिए व्हिप जारी कर दिया है. इसके साथ ही सावंत ने कहा कि पार्टी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर पूछा है कि क्या किसी सांसद ने अध्यक्ष के समक्ष औपचारिक रूप से दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं. और 'मीडिया जिन चार-छह लोगों की बात कर रही है, वे कौन हैं?

राउत ने भावुक और आक्रामक अंदाज में कहा कि इन सांसदों को चुनाव जिताने के लिए पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने दिन-रात एक कर दिया था. पार्टी ने उन्हें चुनाव लड़ने के लिए हर मुमकिन संसाधन और फंड दिए. हमारे सभी सांसद शिवसेना के आधिकारिक चुनाव चिह्न 'मशाल' पर चुनकर आए हैं, जिसके सर्वमान्य नेता उद्धव ठाकरे हैं. 

दिल्ली पहुंचे सांसद राजाभाऊ वाजे ने दी सफाई

इस पूरे सियासी ड्रामे और टूट की अटकलों के बीच नासिक से शिवसेना (UBT) के सांसद राजाभाऊ वाजे अचानक दिल्ली पहुंचे तो उन्होंने कहा, "मैं उद्धव ठाकरे जी के साथ हूं और हमेशा उन्हीं के साथ रहूंगा. मेरा किसी भी अन्य दल या शिंदे गुट से कोई संपर्क नहीं हुआ है. मुझे किसी का कोई फोन नहीं आया है. मैं पार्टी से जरा भी नाराज नहीं हूं और यहां सिर्फ अपनी एक कमेटी की बैठक में शामिल होने आया हूं." 

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