सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया और CJP के प्रवक्ता सौरव दास के बीच तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है. फर्जी पोस्ट, चेतावनी, चैलेंज और कानूनी कार्रवाई की धमकी तक पहुंचे इस विवाद ने राजनीतिक और सोशल मीडिया गलियारों में सनसनी फैला दी है.
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सोशल मीडिया पर छिड़ी इस बहस का केंद्र-बिंदु हाल ही में गिरफ्तार हुए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज का विवादित बयान है.
कैसे शुरू हुआ विवाद?
मामले की शुरुआत शुक्रवार (4 सितंबर) को हुई, जब CJP प्रवक्ता सौरव दास ने अपने ऑफिशियल X हैंडल पर एक पोस्ट शेयर किया. इस पोस्ट में गौरव भाटिया की फोटो के साथ एक कथित बयान का स्क्रीनशॉट था, जिसमें लिखा था कि "स्वतंत्र भारद्वाज नामक युवा एक दिमागी नक्सली है, उसके अंदर जातिवादी जहर भरा हुआ है और भाजपा सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है".
यह पोस्ट वायरल होते ही बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया सख्त रुख में आ गए. उन्होंने सौरव दास के ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए लिखा कि "यह एक फेक पोस्ट है, तुम्हारे पास इसे डिलीट करने के लिए 24 घंटे हैं" और साथ ही बिना शर्त माफी मांगने की चेतावनी दी.
पोस्ट हटाया पर माफी से इनकार
गौरव भाटिया की चेतावनी के बाद सौरव दास ने पोस्ट तो डिलीट कर दिया और स्वीकार किया कि वह इमेज AI द्वारा बनाई गई थी. हालांकि, पोस्ट हटाने के बाद सौरव दास ने गौरव भाटिया की माफी की मांग को खारिज कर दिया और बीजेपी को चुनौती दे डाली.
सौरव दास ने तंज कसते हुए टीवी डिबेट की पुरानी फोटो शेयर कर लिखा "My Unqualified Apology". साथ ही उन्होंने बीजेपी नेताओं को चैलेंज किया कि वे स्वतंत्र भारद्वाज के कृत्यों और बयानों की सार्वजनिक निंदा करके दिखाएं.
गौरव भाटिया की FIR की चेतावनी
सौरव दास के तंज भरे जवाब के बाद गौरव भाटिया ने एक बार फिर ट्वीट कर लिखा कि पोस्ट डिलीट करने में केवल 83 मिनट लगे, लेकिन अनक्वालिफाइड अपॉलोजी अभी बाकी है. उन्होंने साफ किया कि अगर बिना शर्त माफी नहीं मांगी गई तो अगला कदम FIR और कानूनी कार्रवाई का होगा.
कौन है स्वतंत्र भारद्वाज और क्यों मचा है बवाल?
24 साल के स्वतंत्र भारद्वाज मूल रूप से बिहार के कंकड़बाग का रहने वाला है और खुद को हिंदुत्व विचारधारा व हिंदू रक्षा दल से जुड़ा बताता है.
जंतर-मंतर घटना: 23 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक प्रदर्शन के दौरान आरोप है कि स्वतंत्र भारद्वाज की 14 साल के दलित बच्ची निशु आजाद के पिता (संजय कुमार) के साथ बहस हुई और उनके सिर पर वार किया गया.
विवादित पॉडकास्ट: हाल ही में एक पॉडकास्ट में स्वतंत्र भारद्वाज ने गर्व से दावा किया कि "मैंने ही संजय कुमार का सिर फोड़ा था, कौन क्या कर लेगा?". इस बयान के बाद भारी बवाल हुआ और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.
नेताओं से पल्ला झाड़ना: स्वतंत्र भारद्वाज ने पॉडकास्ट में खुद को केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और अन्य दिग्गज नेताओं का करीबी बताया था. हालांकि, चिराग पासवान की पार्टी (लोजपा-रामविलास) ने उससे तुरंत दूरी बनाते हुए पुलिस में शिकायत (FIR) दर्ज कराई और सख्त कार्रवाई की मांग की है.
यह पूरा विवाद सोशल मीडिया पर एआई (AI) जनरेटेड फर्जी पोस्ट्स के दौर में नेताओं और प्रवक्ताओं के बीच बढ़ते तनाव और कानूनी कार्रवाइयों की गंभीरता को दर्शाता है.
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