केरल विधानसभा चुनाव के मतदान से ठीक पहले राजनीति गरमा गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर के काफिले पर देर रात मल्लपुरम में हमला हुआ है. इस घटना ने राज्य की कानून-व्यवस्था और वीआईपी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. थरूर यूडीएफ (UDF) उम्मीदवार एपी अनिल कुमार के समर्थन में चुनाव प्रचार के लिए जा रहे थे, तभी यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी.
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कैसे हुआ हमला?
प्रत्यक्षदर्शियों और रिपोर्ट के मुताबिक, शशि थरूर दो गाड़ियों के काफिले के साथ आगे बढ़ रहे थे और वह खुद पहली गाड़ी में मौजूद थे. तभी दो कारों में सवार होकर आए करीब आठ लोगों ने अचानक उनका रास्ता रोक लिया. हमलावरों ने थरूर की गाड़ी के शीशों को पीटना शुरू कर दिया, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई.
गनमैन के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट
जब सांसद की सुरक्षा में तैनात गनमैन ने स्थिति को संभालने और रास्ता साफ कराने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उन पर भी हमला कर दिया. गनमैन के साथ मारपीट और धक्का-मुक्की की गई. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की. पुलिस ने इस मामले में अब तक दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है.
शशि थरूर ने खुद दी जानकारी
सोशल मीडिया पर अपनी सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता के बीच शशि थरूर ने 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा की. उन्होंने लिखा:
"कल रात हुई इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना, जिसमें मेरे सुरक्षा गार्ड पर हमला हुआ, उसे लेकर आप सभी के संदेशों और कॉल्स से मैं भावुक हूं. वह अब ठीक हैं और मैं पूरी तरह सुरक्षित हूं. हमने बिना किसी डर के अपने तय कार्यक्रम पूरे किए और आगे भी हमारा अभियान जारी रहेगा."
चुनाव से पहले बढ़ी टेंशन
केरल में 9 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है, जबकि नतीजे 4 मई को आएंगे. राज्य में इस बार एलडीएफ (LDF), यूडीएफ (UDF) और एनडीए (NDA) के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है. चुनाव से ठीक पहले हुई इस हिंसा ने मल्लपुरम और आसपास के इलाकों में तनाव बढ़ा दिया है. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह हमला किसी सोची-समझी राजनीतिक साजिश का हिस्सा था या फिर यह रोड रेज का मामला है.
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