अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं (Gen Z) को गटर जेनरेशन कहने पर बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद की तीखी प्रतिक्रिया आई है. सोनू सूद ने कंगना के बयान को 'शर्मनाक' करार देते हुए उन्हें सोच-समझकर बोलने की नसीहत दी है. इसके साथ ही सोनू सूद ने युवाओं के मुद्दों, सोशल मीडिया के इस्तेमाल, राजनीति में एंट्री और अपनी आगामी फिल्म 'नंदी' को लेकर भी बेबाक राय रखी. इधर मामले को तूल पकड़ता देख कंगना रनौत ने सफाई दी है और मीडिया पर जमकर भड़की हैं.
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'जनता ही ईश्वर है, तोल-मोल कर बोलना ज़रूरी'
जंतर-मंतर पर आंदोलनरत युवाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर सोनू सूद ने कहा, "अगर ऐसा कहा गया है तो यह बेहद शर्मनाक है. ऐसा नहीं कहना चाहिए था. हमें हमेशा 'तोल-मोल के बोलना' चाहिए. जनता ही ईश्वर का दूसरा रूप है और ये युवा ही एक्टर्स को इस मुकाम तक पहुंचाते हैं. जब तक वे आपके साथ हैं, तब तक आपका अस्तित्व है."
सोनू सूद ने आगे कहा कि प्रदर्शन कर रहे युवाओं की आवाज सुनना बेहद जरूरी है, हालांकि उन्होंने युवाओं को सचेत करते हुए यह भी कहा कि आंदोलनों में कुछ ऐसे तत्व आ जाते हैं जो असल मुद्दे को भटकाने की कोशिश करते हैं, इसलिए युवाओं को उनसे सतर्क रहना चाहिए.
'मोबाइल को परिवार का सदस्य मत बनाइए'
बच्चों में बढ़ती मोबाइल और सोशल मीडिया की लत पर चिंता व्यक्त करते हुए सोनू सूद ने माता-पिता को खास सलाह दी. उन्होंने कहा, "आजकल 6 से 10 साल के बच्चों को पेरेंट्स फोन दे देते हैं ताकि वे बिज़ी रहें. इससे बच्चों का बचपन पीछे छूट जाता है. फोन एक तकनीक है, उसे तकनीक की तरह ही इस्तेमाल करें, उसे अपने परिवार का सदस्य न बनाएं। माता-पिता को अपने बच्चों के साथ ज़्यादा समय बिताना चाहिए."
सोशल मीडिया के सकारात्मक पहलू पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान उन्होंने इसी माध्यम से लाखों लोगों, डॉक्टरों और अस्पतालों से जुड़कर जानें बचाई थीं. अगर सही उपयोग हो तो सोशल मीडिया मंज़िल तक पहुंचाने का सबसे बड़ा साधन है.
राजनीति में एंट्री पर बोले- 'बाबा जब रास्ता दिखाएंगे, तब सोचेंगे'
साउथ सुपरस्टार थलपति विजय की तर्ज पर राजनीति में आने के सवाल पर सोनू सूद ने कहा कि राजनीति में अच्छे और समाजसेवा की सोच रखने वाले लोगों का आना ज़रूरी है.
अपने राजनीतिक सफर पर उन्होंने कहा, "फिलहाल मैं बिना राजनीति में आए भी लोगों तक पहुंच रहा हूं और उनके लिए मज़दूरी कर रहा हूं. जब समय आएगा, तो साईं बाबा अपने आप रास्ता दिखा देंगे कि मुझे राजनीति में जाना चाहिए या नहीं." उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मदद करते समय उनके लिए किसी की जाति, धर्म या राज्य (महाराष्ट्र, पंजाब या तमिलनाडु) मायने नहीं रखता.
ध्यान देने वाली बात है कि कंगना के इस बयान पर जब कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके से पूछा गया तो उन्होंने कह दिया कि उन्हें सीरियसली कौन लेता है?
कंगना रनौत ने दी सफाई ?
मामले पर कंगना रनौत ने सोशल मीडिया X पर एक वीडियो साझा करते हुए सफाई पेश की है. उन्होंने कहा- 'मैंने कुछ प्रोटेस्टर्स को जो बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के सामने गटर छाप, अनैतिक, अश्लील बिहेवियर डिस्प्ले कर रहे थे, उसको नॉर्मलाइज करने से मना किया है. हम लोग नहीं चाहते कि हमारे घर के बुजुर्ग शर्मिंदगी महसूस करे.''
इनपुट: नितिन मिराने
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