अब वापस नहीं आऊंगा दोस्त... सूरत में मजदूरों के पलायन का रुला देने वाला वीडियो वायरल, जानें क्यों छोड़ रहे हैं शहर

Surat LPG Crisis: सूरत में एलपीजी संकट के चलते टेक्सटाइल इंडस्ट्री ठप होने से लाखों मजदूर पलायन कर रहे हैं, जिससे उधना रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ और पुलिस लाठीचार्ज जैसी स्थितियां पैदा हो गई हैं. सरकार ने गैस की कमी से इनकार किया है, लेकिन उद्योगों में उत्पादन गिरने से मजदूरों की रोजी-रोटी पर संकट गहरा गया है.

सूरत
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राजू झा

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Surat LPG Crisis Updates: "भाई बड़ी परेशानी है, अब वापस नहीं आऊंगा दोस्त... बता देना सबको." ये शब्द उस मजदूर के हैं जो अपनी आंखों में आंसू लिए गुजरात के सूरत से अपने घर की ओर लौट रहा है. मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और देश में उपजे एलपीजी (LPG) संकट का असर अब भारत के औद्योगिक शहरों में साफ दिखने लगा है. सूरत, जो कभी लाखों मजदूरों को रोजगार देता था, आज वहां से पलायन की ऐसी तस्वीरें आ रही हैं जो दिल दहला देने वाली हैं.

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उधना रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़

19 अप्रैल की सुबह सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का हुजूम उमड़ पड़ा. यूपी और बिहार जाने वाली ट्रेनों में जनरल सीट पाने के लिए हजारों मजदूर स्टेशन पहुंचे. भीड़ इतनी बेकाबू हो गई कि पुलिस और आरपीएफ (RPF) के जवानों को लाठीचार्ज करना पड़ा. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में डरे-सहमे मजदूर पुलिस के डंडों से बचने के लिए लोहे की जालियों के ऊपर से कूदते नजर आ रहे हैं. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, दोपहर तक 6 ट्रेनों के जरिए 21,000 से ज्यादा यात्री रवाना किए जा चुके थे, लेकिन भीड़ के सामने सारी व्यवस्थाएं छोटी पड़ गईं.

क्यों हो रहा है ये 'महा-पलायन'?

इस संकट के पीछे की मुख्य वजह एलपीजी गैस की भारी किल्लत बताई जा रही है.

  • उद्योगों पर ताले: गैस की कमी के कारण सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा है. करीब 30% यानी 3 लाख मजदूर अब तक पलायन कर चुके हैं.
  • उत्पादन में भारी गिरावट: गैस न होने से रोजाना का टेक्सटाइल उत्पादन 6.5 करोड़ मीटर से घटकर 4.5 करोड़ मीटर रह गया है.
  • छात्रों की परेशानी: गैस की कमी से कई कोचिंग सेंटर्स और हॉस्टल की रसोइयां बंद हो गई हैं, जिसके कारण छात्र भी अपने घरों को लौट रहे हैं.

रेलवे और सरकार का पक्ष

रेलवे अधिकारी अनुभव सक्सेना का कहना है कि समर सीजन और भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त ट्रेनें चलाई गई हैं. उन्होंने लाठीचार्ज की घटना पर सफाई देते हुए कहा कि जब कुछ लोगों ने कतार तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, तब व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा.

दूसरी ओर, भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय ने गैस की किल्लत की खबरों को भ्रामक बताया है. मंत्रालय का कहना है कि देश में एलपीजी की आपूर्ति सुरक्षित है और रूस, अमेरिका व कनाडा जैसे देशों से आयात बढ़ाया गया है. हालांकि, जमीन पर मजदूरों की लंबी कतारें और छलकते आंसू कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं.

 

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