तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. यहां की एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया है. कट्टनारपट्टी इलाके में स्थित इस यूनिट में हुए धमाके के बाद अफरा-तफरी का आलम है. शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक 13 लोगों के शव मलबे से निकाले जा चुके हैं, और आशंका जताई जा रही है कि अभी भी कई लोग वहां दबे हो सकते हैं.
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चार यूनिट्स को चपेट में लिया आग ने
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो धमाका इतना शक्तिशाली था कि पलक झपकते ही आग ने आसपास की चार अन्य यूनिट्स को भी अपनी चपेट में ले लिया. धमाके की गूंज इतनी जोरदार थी कि आसपास की इमारतें भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं. हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और राहत-बचाव टीमों ने मोर्चा संभाल लिया. फिलहाल घटनास्थल पर मलबा हटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है.
क्या लापरवाही बनी मौत का कारण?
अभी तक आधिकारिक तौर पर विस्फोट के ठोस कारणों का पता नहीं चल पाया है. हालांकि, जिस तरह से यह हादसा हुआ, उसे देखकर स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों को शक है कि शायद पटाखा बनाते समय सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे या मानकों को ताक पर रखा गया था. प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं.
सीएम स्टालिन ने जताया गहरा शोक
इस भयावह हादसे से तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन काफी आहत हैं. उन्होंने अपना दुख व्यक्त करते हुए कहा, "विरुधुनगर की घटना अत्यंत पीड़ादायक है. जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं."
मुख्यमंत्री ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अपने मंत्रियों के. के. एस. एस. आर. रामचंद्रन और थंगम थेन्नारासु को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं. वे खुद भी जिला कलेक्टर के संपर्क में हैं और राहत कार्यों पर नजर बनाए हुए हैं. घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है. फिलहाल पूरे इलाके को प्रशासन ने अपनी निगरानी में ले लिया है ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन में कोई बाधा न आए.
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