पश्चिम बंगाल की सियासत में अंदरखाने हो रहा बड़ा 'खेला'... तो अब क्या टूट जाएगी ममता की TMC?

TMC Internal Conflict: पश्चिम बंगाल की राजनीति में TMC के भीतर बढ़ती नाराजगी और अंदरूनी कलह को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. काकोली घोष दस्तीदार के इस्तीफे, कल्याण बनर्जी पर लगाए गए आरोप, ममता बनर्जी की अहम बैठक में बड़ी संख्या में विधायकों की गैरमौजूदगी और बीजेपी के दावों ने सियासी हलचल बढ़ा दी है. क्या TMC में सबकुछ ठीक है या पार्टी के भीतर कोई बड़ा 'खेला' चल रहा है?

TMC Crisis West Bengal
TMC Crisis West Bengal

न्यूज तक डेस्क

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West Bengal News: 4 मई के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीतिक गलियारों में बस एक ही बात की चर्चा हो रही है कि, 'ममता बनर्जी की पार्टी TMC में सबकुछ ठीक नहीं है और पार्टी जल्द ही टूट भी सकती है...'. इन चर्चाओं को और हवा तब मिली जब TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने संगठन में अपनी सभी पदों से इस्तीफा दे दिया और साथ ही कल्याणा बनर्जी पर कई गंभीर आरोप लगा दिए. अब इसी बीच रविवार(31 मई) को भी बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जहां ममता बनर्जी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में 80 में से सिर्फ 20 विधायक  पहुंचे. जैसे ही यह खबर बाहर आई हलचल तेज हो गई, हालांकि पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने मामले का संभाला लेकिन चर्चाएं अपने चरम पर है. इससे पहले बीजेपी सांसद ने TMC के कई सांसद और विधायक के BJP में शामिल होने का दावा भी किया था. आइए विस्तार से जानते है पूरी कहानी.

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80 में से 60 विधायक रहे गायब

रविवार को पार्टी ने विधानसभा में चुने गए सभी 80 विधायकों को अहम बैठक के लिए बुलाया था. इस बैठक की अध्यक्षता खुद पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी कर रही थी, और यह बैठक उनके कालीघाट आवास पर आयोजित की गई थी. लेकिन इसी बीच 80 से 60 विधायक इस अहम बैठक में पहुंचे ही नहीं. ऐसे समय में विधायकों की गैर-मौजूदगी ने सियासी गलियारों में पाला बदलने और पार्टी टूटने की चर्चाओं को और हवा दे दी है.

कुणाल घोष ने संभाला मामला

हालांकि पार्टी प्रवक्ता और TMC के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने मामला संभाला. उन्होंने विधायकों की गैर-मौजूदगी को आपाकालीन स्थिति बताते हुए कहा कि शनिवार को अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले और रविवार को कल्याण बनर्जी पर हुए कथित हमले के कारण यह स्थिति बनी. विधायक फिलहाल जमीनी हालात संभालने में लगे हुए है और इसलिए वे नहीं पहुंच पाए.

उन्होंने आगे यह भी कहा कि, बैठक पहले से तय थी. लेकिन पिछले दिनों जो स्थिति बनी है, इसलिए हमारे विधायक जमीनी स्तर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे है. हालांकि अनुपस्थित विधायकों ने पहले ही नहीं आने की बात बता दी थी और साथ ही बैठक को आगे टालने के लिए निवेदन भी किया था. इसलिए बैठक को फिलहाल के लिए रद्द कर दिया गया है. हालांकि समय के मुताबिक 20 विधायक बैठक के लिए पहुंचे थे. सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी ने इन्हीं विधायकों के साथ बैठक कर बातचीत की है.

भाजपा सांसद के दावों की होने लगी चर्चा

रविवार को हुए घटनाक्रम को देखते हुए भाजपा सांसद सौमित्र खान के दावों की खूब चर्चा होने लगी है. सौमित्र खान ने दावा करते हुए कहा था कि, TMC के करीब 50 विधायक और 20 सांसद BJP में शामिल होने के लिए तैयार है. उन्होंने यह भी कहा कि सभी लोग लगातार बीजेपी के संपर्क में है और जैसे ही शीर्ष नेतृत्व से मंजूरी मिलती है तो सारे नेता बीजेपी में शामिल हो जाएंगे.(पढ़ें पूरी खबर)

TMC की आगे की रणनीति!

TMC ने संकेत दिए है कि अब बाद में बैठक का आयोजन किया जाएगा और फिर सभी विधायकों को इसकी जानकारी दी जाएगी. साथ ही पार्टी अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी पर हुए कथित हमले के विरोध में विरोध रैली करने जा रही है. मंगलवार यानी 2 जून को ममता बनर्जी के नेतृ्त्व में एस्प्लेनेड के रानी राशमोनी रोड पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा. पार्टी का कहना है कि यह विरोध प्रदर्शन चुनाव के बाद राज्य में जारी हिंसा और बुलडोजर एक्शन के खिलाफ है.

TMC नेता अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी पर हुए मामले में अब तक क्या-कुछ पता चला? जानिए पूरी कहानी

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