चुनाव हारने के बाद TMC नेता जहांगीर खान को लगा एक और झटका, कलकत्ता हाईकोर्ट ने दिया बड़ा फैसला!

Jahangir Khan TMC: पश्चिम बंगाल की फलता सीट से चुनाव हार चुके TMC नेता जहांगीर खान को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने उनकी अंतरिम सुरक्षा बढ़ाने से इनकार कर दिया है. जहांगीर खान पर दर्ज 7 FIR, री-पोल विवाद और गिरफ्तारी की बढ़ती आशंका ने बंगाल की राजनीति में हलचल तेज कर दी है. जानिए हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान क्या हुआ और अब आगे क्या होगा.

Jahangir Khan TMC
TMC Leader Jahangir Khan

अनुपम मिश्रा

follow google news

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी, सुभेंदु अधिकारी जैसे बड़े नेताओं के साथ एक और शख्स खूब चर्चा में रहा, जिसका नाम है जहांगीर खान. हॉट सीट फलता से TMC उम्मीदवार जहांगीर खान भले ही री-पोलिंग में भी चुनाव हार गए हो लेकिन उनकी चर्चाएं अभी भी जारी है. इसी बीच कलकत्ता हाईकोर्ट से जहांगीर खान को बड़ा झटका लगा है. कलकत्ता हाईकोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए अंतरिम सुरक्षा की अवधि को आगे बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया है. अब एक ओर चुनावी हार का गम और फिर इस फैसले के बाद TMC नेता पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. विस्तार से जानिए पूरी कहानी. 

Read more!

सुनवाई के दौरान क्या हुआ?

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में फलता थाना प्रभारी ने TMC नेता जहांगीर खान के खिलाफ अदालत में एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की. सरकारी वकील ने अदालत को जानकारी दी कि आरोपी के खिलाफ 7 एफआईआर दर्ज है और इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए आरोपी से पूछताछ बेहद जरूरी है. दलीलों को सुनने के बाद वेकेशन बेंच के जस्टिस पार्थ सरनी ने टीएमसी नेता को राहत देने से इनकार कर दिया और साथ ही इस मामले को रेगुलर बेंच के समक्ष सुनवाई के लिए भेजने का निर्देश दिया.

जहांगीर खान ने लगाई ये याचिका

दूसरी ओर, जहांगीर खान ने डायमंड हार्बर एसीजेएम अदालत में उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकियों को रद्द करने की याचिका दायर की थी. कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने और पुलिस रिपोर्ट को संज्ञान में लेते हुए जहांगीर खान की सुरक्षात्मक जमानत की याचिका को खारिज कर दिया. हाईकोर्ट ने आदेश में यह भी कहा कि, चूंकि मामलों में डांच जारी है, इसलिए उन्हें प्रोटेक्टिव बेल नहीं दी जा सकती है. अब यह मामला नियमित बेंच के सामने दोबारा सुना जाएगा.

री-पोल से पहले ही हाईकोर्ट पहुंचे थे जहांगीर

फलता में 29 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में गड़बड़ी के बाद आयोग ने मतदान को रद्द कर दिया था. फिर यहां 21 मई को पोलिंग हुई, लेकिन उससे पहले 18 मई को जहांगीर खान ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका लगाते हुए अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई थी. जहांगीर खान ने कहा था कि राजनीतिक रंजिश की वजह से उनपर कई FIR दर्ज हो चुके है, ताकि वह चुनावी प्रक्रिया से दूर रह सकें. याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा था कि जहांगीर खान की 26 मई तक गिरफ्तारी नहीं होगी, हालांकि इस दौरान उन्हें जांच में सहयोग देना होगा.

फाल्टा सीट पर दोबारा वोटिंग के बाद आया चौंकाने वाला रिजल्ट, इस कैंडिडेट की हुई जीत, जानिए जहांगीर खान को मिले कितने वोट

    follow google news