पश्चिम बंगाल में चुनाव हारने के बाद TMC की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं. पहले 58 से ज्यादा विधायकों ने पार्टी से बगावत कर अपना एक अलग समानांतर विधायी ब्लॉक (Parallel Legislative Bloc) बना लिया. अब 14 जून को TMC सांसद सयानी घोष, सुदीप बंदोपाध्याय, माला रॉय, शताब्दी रॉय, काकोली घोष, पारसुन बनर्जी, अरूप चक्रवर्ती समेत 10 से ज्यादा सांसद केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव के दिल्ली स्थित घर पहुंच गए.
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इस मुलाकात ने सियासी भूचाल ला दिया और अटकलों का बाजार गर्म हो गया. चर्चा शुरू हो गई कि ये सांसद नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी (NCP) के साथ जा सकते हैं और इसके बाद ये बागी सांसद केंद्र में NDA को समर्थन दे सकते हैं. भूपेंद्र यादव के आवास पर करीब करीब दो घंटे तक चली इस गोपनीय बैठक ने बंगाल से लेकर दिल्ली तक सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी.
इधर बैठक के बाद ये सांसद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिले. स्पीकर से मुलाकात के बाद सुदीप बंदोपाध्याय और काकोली घोष ने अलग पार्टी में विलय का ऐलान किया और दावा किया कि उनके साथ 20 सांसद हैं जो TMC के कुल सांसद (28) का दो-तिहाई से भी ज्यादा हैं. साथ ही काकोली घोष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में NDA के साथ काम करने का ऐलान कर दिया.
अलग पार्टी में क्यों विलय कर रहे ये सांसद ?
सूत्रों के मुताबिक, अलग गुट बनाने में कानूनी अड़चनों के कारण, बागी तृणमूल सांसद अब 'नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया' के साथ जुड़ने जा रहे हैं. वे NDA को अपना समर्थन देंगे.
बैठक में क्या हुआ...जानें इनसाइड स्टोरी
रविवार को केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पर टीएमसी सांसदों का जमावड़ा लगने लगा. सबसे पहले टीएमसी सांसद सेयानी घोष वहां पहुंचीं, जिसके बाद एक-एक कर कई बड़े चेहरे वहां दाखिल हुए. सुदीप बंद्योपाध्याय, पारसुन बनर्जी, माला रॉय, अरूप चक्रवर्ती, शताब्दी रॉय, काकोली घोष के अलावा टीएमसी नेता, जगदीश बसुनिया, पार्थ भौमिक, जून मालिया, मेटाली बाग, बापी हलधर भी पहुंचे. करीब 2 घंटे की बैठक के बाद से सभी नेता वहां से चले गए.
हम नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी में विलय करेंगे- सुदीप बंदोपाध्याय
बैठक के बाद सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा- ''हम नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी में विलय करेंगे...यह एक क्षेत्रीय पार्टी है. नियम यही है...जब आप पार्टी के 2/3 सदस्यों के साथ अलग होते हैं, तो आप पहले ही दिन उस पार्टी का नाम इस्तेमाल करने की मांग नहीं कर सकते...जुलाई में हम तृणमूल का नाम हमें देने की मांग करेंगे क्योंकि हमारे पास तृणमूल का 2/3 बहुमत है. फिर कोर्ट तय करेगा..."
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के साथ अपनी मुलाकात पर सुदीप बंदोपाध्याय बोले- "ओम बिरला ने सभी हस्ताक्षरों की पुष्टि की. 20 हस्ताक्षर थे. अब यह 2/3 है..." TMC सांसद कीर्ति आज़ाद और TMC सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के बारे में वे कहते हैं, "बिहार के लोग बंगाल की पार्टी को ज़्यादा समर्थन देते हैं."
काकोली घोष ने NDA के साथ जाने का किया ऐलान
इधर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिलने के बाद, बागी TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कहा- "AITC से चुने गए हम बीस सांसदों ने स्पीकर से मुलाकात की और अलग बैठने का अनुरोध करते हुए एक पत्र सौंपा. ये बीस सांसद हमारी कुल संख्या का दो-तिहाई से ज़्यादा हिस्सा हैं. हम नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी में विलय कर रहे हैं. आगे चलकर, हम देश के लिए काम करेंगे और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में NDA के साथ मिलकर काम करेंगे."
कीर्ति आजाद और घोष ने स्पीकर ओम बिरला से की मुलाकात
इधर भूपेंद्र यादव के घर पर मीटिंग के दौरान ही टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद और सागरिका घोष लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिलने उनके आवास पर पहुंच गए. जिससे अटकलें और तेज हो गई हैं. इधर पार्टी में मची इस भगदड़ को रोकने के लिए टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर मांग की है कि TMC के किसी भी अलग गुट या समूह को मान्यता न दी जाए. लोकसभा में केवल अधिकृत नेतृत्व और व्हिप को ही प्रतिनिधित्व माना जाए. उन्होंने दल-बदल कानून के तहत सख्त कार्रवाई के अधिकार की बात भी कही है.
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का हमला- 'इतना घमंड...'
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा- ''टीवी में आ रहा है. एक नॉर्थ कोलकाता के वरिष्ठ नेता दिल्ली में घूम रहे हैं. कोई नहीं है बचा...सब खत्म पूरा खत्म. वो सब हो गया है. इतना घमंड. इतना अत्याचार. पुलिस और गुंडा को लेकर. ये राज्य को बर्बाद करने वाला. तुष्टीकरण. भ्रष्टाचारी परिवारवादी. बंगाल की जनता ने उखाड़ फेंका है. साथ साथ एक महीने के अंदर उनकी पार्टी भी बर्बाद हो गई है. जो सनातन को गाली देता है. जो महाकुंभ को मृत्युंजय कुंभ कहते हैं! जो राम मंदिर के खिलाफ जुलूस निकलते हैं उनका इस धराधाम में ज्यादा दिन तक राज नहीं चलता है.
18 मई को ही काकोली घोष ने लोकसभा स्पीकर को लिखा था पत्र, सामने आया बागी TMC MP का साइन किया हुआ लेटर
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