अमेरिका और ईरान के बीच गहराता तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है, जिसका सीधा असर ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर दिख रहा है. मिडिल ईस्ट में मचे इस घमासान के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस के दाम लगातार उछल रहे हैं, जिससे दुनियाभर में महंगाई बढ़ने का खतरा मंडराने लगा है. ब्रांड क्रूड का भाव $97 प्रति बैरल यानी 9,173.35 रुपये के पार पहुंच चुका है.
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लेकिन इस भारी उथल-पुथल के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाली भविष्यवाणी की है. ट्रंप का दावा है कि ईरान के साथ जारी इस जंग में जैसे ही अमेरिका की जीत होगी, तेल और गैस की कीमतें ताश के पत्तों की तरह ढह जाएंगी.
3 डॉलर से घटकर 2 डॉलर के नीचे आ जाएगी गैस!
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रूथ सोशल' पर एक पोस्ट शेयर करते हुए दुनिया भर में बढ़ती एनर्जी की कीमतों के लिए मिडिल ईस्ट के इस युद्ध को जिम्मेदार ठहराया.
उन्होंने पूरी मजबूती से कहा कि अमेरिका इस संघर्ष में हर हाल में फतेह हासिल करेगा और उसके बाद ही बाजार में स्थिरता लौटेगी. ट्रंप ने लिखा:
"ईरान के खिलाफ युद्ध में जीत मिलते ही तेल के दाम तेजी से नीचे आएंगे. गैस की कीमतें घटकर पहले 3 डॉलर प्रति गैलन पर पहुंचेंगी और फिर आखिरकार 2 डॉलर प्रति गैलन से भी नीचे आ जाएंगी."
ट्रंप ने अपने इस बयान में एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए दोहराया कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार तैयार नहीं करने दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि स्थिति बहुत जल्द सामान्य होगी.
आर्थिक तंगी से पस्त ईरान ने ग्राहकों को दिया झटका
एक तरफ जहां ट्रंप जल्द ही कीमतों में भारी गिरावट का दम भर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आर्थिक तंगी से जूझ रहे ईरान ने एक सख्त कदम उठा लिया है. लगातार अमेरिका के साथ जारी टकराव और खराब होती अर्थव्यवस्था को देखते हुए ईरान ने अपने सबसे बड़े गैस खरीदारों के लिए फ्यूल की दरें बढ़ा दी हैं.
महीनों से जारी तनाव के बीच ईरान द्वारा गैस की कीमतों में किया गया यह दूसरा बड़ा इजाफा है. नए नियमों के मुताबिक:
- नया नियम: अगर कोई ग्राहक अपने 110 लीटर (लगभग 29 गैलन) के मासिक कोटे से ज्यादा ईंधन खरीदता है, तो उसे प्रति लीटर 100,000 रियाल चुकाने होंगे.
- दोगुना बोझ: यह नई कीमत पिछले साल दिसंबर से ली जा रही दरों के मुकाबले सीधे दो गुनी है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में उबल रहा है कच्चा तेल
ईरान के इस कदम और अमेरिका की सख्त चेतावनियों के बीच एनर्जी मार्केट में आग लगी हुई है. मौजूदा समय में गैस की दरें 3 डॉलर प्रति गैलन के आसपास बनी हुई हैं, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है:
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच तनातनी के बीच ग्लोबल एनर्जी मार्केट में भूचाल आया हुआ है, जहां एक ओर गैस की कीमतें 3 डॉलर प्रति गैलन के आसपास बनी हुई हैं, वहीं कच्चे तेल की दरों में रिकॉर्ड तेजी दर्ज की जा रही है. मौजूदा समय में ब्रैंट क्रूड (Brent Crude) $97.55 प्रति बैरल के पार निकल चुका है, डब्ल्यूटीआई क्रूड (WTI Crude) भी लगभग $93 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है, जबकि मुरबान क्रूड (Murban Crude) 3.40% के जोरदार उछाल के साथ करीब $107 प्रति बैरल के स्तर पर पहु.च गया है.
ईरानी अधिकारियों ने भी स्पष्ट कर दिया है कि अगर उनके ऊर्जा ठिकानों (Energy Infrastructure) पर अमेरिका का कोई हमला होता है, तो वे इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे. इस तनातनी ने पूरे वैश्विक बाजार की धड़कनें बढ़ा दी हैं.
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