मिडिल ईस्ट में युद्ध की आग और भड़क गई है. शनिवार को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर एक बड़ा सैन्य हमला शुरू कर दिया. राजधानी तेहरान समेत ईरान के कई शहरों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं. खबर है कि यह हमला ईरान के परमाणु ठिकानों और सैन्य अड्डों को निशाना बनाकर किया गया है. इस सैन्य कार्रवाई के बाद रूस ने कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तीखी आलोचना की है.
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तेहरान में धमाके और ट्रंप का संदेश
ईरान की राजधानी तेहरान में शनिवार तड़के उस समय हड़कंप मच गया, जब आसमान में धुएं के गुबार देखे गए. बताया जा रहा है कि धमाके ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के दफ्तर के करीब भी हुए हैं. हमले की पुष्टि खुद डोनाल्ड ट्रंप ने एक वीडियो संदेश के जरिए की. ट्रंप ने कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम और उसकी मिसाइलें अमेरिका के लिए सीधा खतरा बन गई थीं, इसलिए अपनी जनता की सुरक्षा के लिए यह 'बड़ा सैन्य अभियान' जरूरी था.
रूस ने जताई कड़ी नाराजगी
इस हमले पर रूस भड़क गया है. रूसी सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने ट्रंप पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने अपना "असली रंग" दिखा दिया है. मेदवेदेव ने कहा कि जो ट्रंप खुद को शांति का दूत बताते थे, उन्होंने फिर से युद्ध का रास्ता चुन लिया है.
बढ़ सकता है बड़ा संकट
हमले से पहले अमेरिका ने मध्य पूर्व में बड़े पैमाने पर अपनी सेना तैनात की थी. एक्सपर्ट्स का मानना है कि रूस की इस तीखी प्रतिक्रिया के बाद अब यह मामला और उलझ सकता है. पूरी दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह हमला यहीं रुकेगा या फिर रूस और अमेरिका के बीच कोई नया टकराव शुरू होगा.
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