मिडिल-ईस्ट में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र के नाम एक अहम संबोधन दिया. ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ईरान के साथ फिलहाल कोई समझौता नहीं होगा और अमेरिका उसे किसी भी कीमत पर परमाणु हथियारों से लैस देश नहीं बनने देगा. अपने 20 मिनट के भाषण में ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और तेज करने के संकेत दिए हैं.
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होर्मुज जलडमरूमध्य पर ट्रंप का सख्त रुख
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब तेल के लिए मध्य-पूर्व (मिडिल-ईस्ट) के देशों पर निर्भर नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाली तेल की सप्लाई की चिंता उन देशों को करनी चाहिए जो वहां से अपनी जरूरतें पूरी करते हैं.
ट्रंप ने दोटूक शब्दों में कहा, "हमें इस रास्ते से तेल की जरूरत नहीं है, इसलिए जो देश इसका इस्तेमाल करते हैं, वे ही इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाएं."
सेना की तारीफ और वेनेजुएला का जिक्र
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने अमेरिकी सेना की तारीफ की. उन्होंने कहा कि पिछले चार हफ्तों में अमेरिकी सेना ने निर्णायक जीत हासिल की है. इस दौरान उन्होंने वेनेजुएला में हुए सफल सैन्य ऑपरेशन का भी जिक्र किया और उसे अमेरिकी ताकत का उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि अमेरिका अब वेनेजुएला के तेल भंडारों पर काम कर रहा है, जिससे अमेरिका ऊर्जा के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर हो चुका है.
ईरान के तेल ठिकानों पर हमले की तैयारी?
ट्रंप ने चेतावनी दी कि आने वाले दो-तीन हफ्तों में ईरान पर हमले और तेज किए जाएंगे. उन्होंने संकेत दिया कि ईरान का तेल इंफ्रास्ट्रक्चर अमेरिका के निशाने पर हो सकता है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत के रास्ते पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं और कूटनीतिक चर्चाएं पर्दे के पीछे जारी हैं.
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