पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच चुनाव आयोग ने फलता विधानसभा क्षेत्र को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है. आयोग ने फलता के सभी 285 मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान (Re-polling) कराने के आदेश जारी कर दिए हैं. यह मतदान 21 मई 2026 को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा.
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क्यों लिया गया यह फैसला?
चुनाव के दौरान गड़बड़ी और डराने-धमकाने की शिकायतों के बाद आयोग ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया है. हाल ही में दक्षिण 24 परगना जिले के हाशिमनगर में ग्रामीणों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया था.
ग्रामीणों का आरोप था कि उन्हें चुनाव के बाद हिंसा और आगजनी की धमकियां दी जा रही हैं. इस विवाद के बाद गुस्साए लोगों ने बीजेपी के झंडे लेकर सड़क जाम कर दी थी और सुरक्षा की मांग की थी. स्थिति को देखते हुए इलाके में सीआरपीएफ (CRPF) की तैनाती भी करनी पड़ी थी.
24 मई को आएंगे नतीजे
चुनाव आयोग ने लिखा है कि फलता के मुख्य बूथों के साथ-साथ सहायक केंद्रों पर भी एक साथ 21 मई को वोटिंग होगी. इसके बाद 24 मई 2026 को मतगणना की जाएगी, जिसके बाद प्रत्याशियों की हार-जीत का फैसला होगा. आयोग ने प्रशासन को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं.
स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा पर विवाद
इस बीच, बेलियाघाटा से टीएमसी उम्मीदवार कुणाल घोष ने स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे. उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग ने स्ट्रॉन्ग रूम के पास अनधिकृत आवाजाही की गलती स्वीकार कर ली है. घोष के अनुसार, अब पोस्टल बैलट वाले स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर सीसीटीवी लगा दिए गए हैं और पार्टी एजेंट लाइव मॉनिटरिंग के जरिए हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं.
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