पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को फिर लगा तगड़ा झटका! ऋतब्रत बनर्जी ही होंगे विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष

Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की राजनीति में ममता बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. चुनावी हार के बाद पार्टी में शुरू हुई बगावत के बीच अब कलकत्ता हाई कोर्ट से भी उन्हें राहत नहीं मिली है. फिलहाल ऋतब्रत बनर्जी ही विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बने रहेंगे. जानिए TMC में टूट, बागी विधायकों और हाई कोर्ट के फैसले की पूरी कहानी.

Mamata Banerjee
ममता बनर्जी को कलकत्ता होई कोर्ट से लगा तगड़ा झटका

तपस सेनगुप्ता

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पश्चिम बंगाल में जब से ममता बनर्जी के हाथ से सत्ता गई है तब से ही उन्हें लगातार झटके पर झटके लग रहे हैं. इसी बीच ममता बनर्जी के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट से भी एक बड़ी खबर सामने आई है. कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यानी LoP को लेकर चल रहे विवाद में फिलहाल स्पीकर के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. फिलहाल, बागी विधायक गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ही विपक्ष के नेता बने रहेंगे और स्पीकर रथिन बसु का फैसला बरकरार रहेगा. आइए विस्तार से जानते हैं पूरी बात.

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28 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

पश्चिम बंगाल की राजनीति में उठा-पटक के बीच बागी विधायकों ने ऋतब्रत बनर्जी को नेता चुन लिया था और साथ ही विधानसभा अध्यक्ष ने इसे मान्यता दे दी थी. फिर TMC विधायक और ममता बनर्जी के करीबी नेता शोवनदेब चट्टोपाध्याय ने याचिका लगाया और स्पीकर के फैसले पर अंतरिम रोक लगाने के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

फिलहाल फैसले पर रोक लगा दी है और जस्टिस कृष्णा राव ने कहा कि अब 28 जुलाई को अगली सुनवाई होगी. साथ ही उन्होंने सभी पक्षों को सुनवाई की अगली तारीख से पहले ही अपने हलफनामे पेश करने का भी आदेश दिया है. हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि, अदालत को याचिकाकर्ता के मामले में अंतरिम आदेश देने के लिए कोई प्रथम दृष्टया मामला या सुविधा का संतुलन नहीं मिला, इसलिए अंतरिम आदेश देने से इनकार किया जाता है.

चुनावी हार के बाद बदले समीकरण

4 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आए, जिसमें ममता बनर्जी को तगड़ा झटका लगा. 15 साल से सत्ता पर काबिज ममता बनर्जी की पार्टी TMC चुनाव हार गई. बदलाव की लहर इतनी तेज थी कि ममता बनर्जी अपनी सीट तक नहीं बचा पाई. फिर धीरे-धीरे पार्टी के नेता बागी होने लगे. इसी बीच पार्टी-विरोधी गतिविधियों के कारण ममता बनर्जी से ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को पार्टी से निष्कासित कर दिया.

ऋतब्रत पर एक्शन लेने के बाद ममता बनर्जी की पार्टी में सबसे बड़ी फूट हुई. TMC के 80 में 58 विधायक बागी हो गए और फिर उन्होंने ऋतब्रत बनर्जी को अपना समर्थन दे दिया. स्पीकर ने भी समर्थन प्राप्त ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष स्वीकार कर लिया. पार्टी में टूट यहीं नहीं रुकी और उसके बाद ममता बनर्जी की करीबी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने भी बागी रुप अपनाया और अब पार्टी के 28 में से 20 सांसद बागी हो गए है, जिनमें सयानी घोष, युसूफ पठान जैसे नेता भी शामिल है.

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