Maharashtra Lover Killed Girlfriend: शीतल और राजेश बचपन के अच्छे दोस्त थे. शीतल महाराष्ट्र की रहने वाली थी, जबकि राजेश तेलंगाना का निवासी था. साल 2009 के आसपास दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और धीरे-धीरे उनकी दोस्ती प्रेम संबंध में बदल गई. हालांकि साल 2014 में राजेश को उस समय बड़ा झटका लगा जब शीतल की शादी किसी अन्य व्यक्ति से हो गई. शादी के बाद शीतल एक बेटी की मां भी बनी, लेकिन बताया जाता है कि उसका और राजेश का संपर्क बना रहा और दोनों के बीच अफेयर चलता रहा. इस बीच एक दिन राजेश, शीतल को सरप्राइज गिफ्ट देने के बहाने उसके घर पहुंचा. उसने प्यार से शीतल की आंखों पर पट्टी बांधी, लेकिन अगले ही पल धारदार चाकू से उसका गला रेत दिया.
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वारदात को अंजाम देने के बाद वह मौके से फरार हो गया. इस सनसनीखेज हत्या के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. शुरुआत में ये मामला पुलिस के लिए ब्लाइंड मर्डर था, लेकिन जांच में एक व्हाट्सएप की कहानी सामने निकलकर आई. ऐसे में चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला? आखिर राजेश ने शीतल की हत्या क्यों की? सरप्राइज गिफ्ट के पीछे क्या साजिश छिपी थी?
सबसे पहले जानें व्हाट्सएप वाली कहानी?
घटना के बारे में जानकारी देते हुए एलसीबी के थानेदार अमोल कचोरे ने बताया कि बीते कुछ महीनों से शीतल और राजेश के रिश्तों में काफी तनाव चल रहा था. शीतल ने राजेश से बातचीत करना पूरी तरह बंद कर दिया था. इसके साथ ही उसने राजेश को व्हाट्सएप पर भी ब्लॉक कर दिया था, इसके बाद से राजेश परेशान रहने लगा. इस ब्लॉकिंग की वजह से राजेश के मन में शीतल को लेकर शक पैदा हो गया कि वो किसी दूसरे से बात कर रही है और उसके साथ उसका संबंध है. इसके बाद से राजेश शक और गुस्से की आग में जलने लगा. उसने अब शीतल को रास्ते से हटाने की ठान ली.
सरप्राइज के नाम पर बिछाया मौत का जाल
इस बीच लगभग एक महीने पहले ही शीतल ने राजेश को व्हाट्सएप पर अनब्लॉक किया था. दोनों में दोबारा बातचीत शुरू हुई. इस बाद हाल ही में शीतल गर्मी की छुट्टियां होने पर शीतल धोपटला आई गई. इस दौरान उसने राजेश को बातों-बातों में बताया था कि उसकी मां और भाई तीन दिनों के लिए धार्मिक यात्रा पर गए हैं और वो घर में अपनी छोटी बेटी के साथ अकेली है. ऐसे में राजेश मौका पाकर 28 मई की आधी रात चोरी-छिपे शीतल के घर में दाखिल हुआ.
राजेश ने शीतल से कहा कि वो उसके लिए एक नया मोबाइल फोन और चूड़ियां गिफ्ट लाया है. राजेश ने सरप्राइज गिफ्ट देने की बात कहकर शीतल की आंखों पर पट्टी बांध दी. शीतल को लगा कि उसे कोई खूबसूरत तोहफा मिलने वाला है, लेकिन इसी अंधविश्वास का फायदा उठाकर राजेश ने जेब से धारदार चाकू निकाला और उसकी गर्दन पर वार कर दिया. गंभीर चोट लगने के कारण शीतल ने मौके पर ही तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया और आरोपी वहां से भाग निकला.
सीडीआर की मदद से खुला पूरा मामला
इसके बाद अगली सुबह यानी 29 मई को जब शीतल का शव घर में खून से लथपथ हालत में मिला तो पूरी धोपटला कॉलोनी में हड़कंप मच गया. राजुरा पुलिस ने तुरंत अज्ञात हमलावर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर अपनी जांच शुरू की. मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) को भी काम पर लगाया गया.
पुलिस ने तकनीकी जांच का सहारा लिया और मृतका के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) को खंगाला. मोबाइल रिकॉर्ड्स और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस की सुई राजेश पर जाकर टिकी. इसके बाद पुलिस टीम ने तुरंत तेलंगाना में दबिश दी और आरोपी राजेश को घेराबंदी करके गिरफ्तार कर लिया, जहां कड़ी पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया.
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी की पहचान राजेश वेंकटी अट्टेला (उम्र 35 वर्ष) के रूप में हुई है. वाे तेलंगाना के मंचिरियल जिले के चेन्नूर का रहने वाला है. वहीं, मृतका की पहचान शीतल रणधीर कुंभारे के रूप में हुई है. वो वेकोलि की धोपटला कॉलोनी में रह रही थी. पुलिस जांच में सामने आया कि शीतल और राजेश बचपन से एक-दूसरे को जानते थे और दोनों के बीच गहरी दोस्ती थी.्र
इनपुट: विकास राजूरकर
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