गुजरात के स्थानीय निकाय चुनाव इस बार कुछ खास होने वाले हैं. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने वडोदरा की पोर जिला पंचायत सीट से एक ऐसा चेहरा उतारा है जिसकी चर्चा अब गांव की गलियों से लेकर सोशल मीडिया के गलियारों तक हो रही है. बीजेपी ने अपनी युवा मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष और मशहूर रील स्टार अंकिता परमार पर दांव खेला है.
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अंकिता का राजनीतिक और सोशल सफर
अंकिता परमार के लिए राजनीति कोई नया मैदान नहीं है. वे पहले भी तालुका पंचायत की सदस्य रह चुकी हैं और अध्यक्ष के तौर पर ढाई साल काम कर चुकी हैं.
बी.कॉम की पढ़ाई कर चुकी अंकिता के ससुर भी करीब 45 सालों तक राजनीति में सक्रिय रहे हैं. अंकिता न केवल राजनीति में सक्रिय हैं, बल्कि वह फिटनेस फ्रीक भी हैं. वे अपना जिम चलाती हैं और प्रधानमंत्री मोदी के 'फिट इंडिया' अभियान से बेहद प्रभावित हैं. इंस्टाग्राम पर उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है.
पार्टी के भीतर बगावत की गूंज
बीजेपी की इस पसंद से पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं में हलचल मच गई है. अंकिता को टिकट मिलते ही बीजेपी की वरिष्ठ कार्यकर्ता नयना परमार ने बागी तेवर अपना लिए हैं.
नयना ने अब निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नयना की यह बगावत बीजेपी के पारंपरिक वोट बैंक को नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे अंकिता की जीत की राह मुश्किल हो सकती है.
क्या है चुनौतियां!
बीजेपी को उम्मीद है कि अंकिता का अंदाज, फिटनेस के प्रति उनका जुनून और सोशल मीडिया की पकड़ युवाओं और महिलाओं को पार्टी से जोड़ेगी. पार्टी के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती अपनों को मनाने और बिखराव रोकने की है.
अब देखना यह है कि क्या अंकिता की डिजिटल लोकप्रियता उन्हें जिला पंचायत तक पहुंचा पाएगी या 'अपनों की बगावत' खेल बिगाड़ देगी.
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