अभिनेता अनुपम खेर ने दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन और तस्वीरों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर छात्रों के नाम एक संदेश जारी किया है. उन्होंने कहा कि प्रदर्शनों की तस्वीरें देखकर उनका मन काफी व्याकुल और दुखी हुआ, क्योंकि किसी भी छात्र को अपनी बात कहने के लिए ऐसी परिस्थितियों से नहीं गुजरना चाहिए. अनुपम खेर ने कहा कि वे भी कभी छात्र रहे हैं और आज भी उनके संस्थान में सैकड़ों विद्यार्थी पढ़ते हैं. इसलिए वे छात्रों की बेचैनी, उनका गुस्सा और उनकी उम्मीदों को भली-भांति समझते हैं.
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छात्र आंदोलन समाज की सबसे सच्ची आवाज- खेर
अनुपम खेर ने छात्रों का समर्थन करते हुए कहा कि छात्र आंदोलन समाज की सबसे सच्ची आवाज होते हैं, जिनमें कोई स्वार्थ नहीं होता. छात्रों को केवल अपने भविष्य की चिंता, अपने अधिकारों की बात और देश को बेहतर बनाने का सपना होता है. उन्होंने कहा कि वे दिल से छात्रों के साथ खड़े हैं.
अनुपम खेर ने छात्रों को सावधान रहने की दी सलाह
छात्रों को बड़े भाई की तरह सलाह देते हुए अनुपम खेर ने बाहरी तत्वों और राजनीतिक अवसरवादियों से सतर्क रहने की चेतावनी दी. उन्होंने कहा- 'आंदोलन में जब ऐसे लोग घुसने लगते हैं जिनका मकसद छात्रों का मुद्दा नहीं बल्कि अपना एजेंडा होता है, तब सावधान होना जरूरी है. शुरू में लगता है कि ज्यादा लोग जुड़ने से ताकत बढ़ेगी, लेकिन अक्सर यही लोग छात्रों की सबसे बड़ी ताकत को कमजोरी बना देते हैं और छात्रों की आवाज का इस्तेमाल करने लगते हैं.'
मुद्दा भटकने का खतरा: ऐसे लोग छात्रों के दर्द पर अपनी राजनीति की इमारत खड़ी करने आते हैं. धीरे-धीरे मुद्दा छात्रों का नहीं रहता, कैमरे, नारे और मकसद दूसरों के हो जाते हैं, जिससे छात्रों की सच्चाई पीछे छूट जाती है.
"आपकी लड़ाई आपकी ही रहनी चाहिए"- अनुपम खेर
अनुपम खेर ने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना, प्रदर्शन करना और अपनी बात मजबूती से रखना छात्रों का अधिकार है, लेकिन उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी यह भी है कि छात्रों की आवाज पर किसी और का कब्जा न हो. उन्होंने छात्रों को निडर होकर अपनी बात कहने की प्रेरणा देते हुए कहा कि छात्र देश की सबसे बड़ी पूंजी हैं और उनकी ऊर्जा, ईमानदारी तथा आदर्शवाद ही उनकी असली ताकत है. उन्होंने प्रार्थना की कि ईश्वर छात्रों को हमेशा सच के साथ खड़े रहने का साहस दे.
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