आम आदमी पार्टी (AAP) में अंदरूनी मतभेद अब खुलकर सामने आ गए हैं. पार्टी के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज और अनुराग ढांडा ने सांसद राघव चड्ढा पर खुलकर हमला बोल दिया है. उन्होंने चड्ढा पर डरने, निष्क्रिय रहने और बड़े मुद्दों पर आवाज न उठाने के गंभीर आरोप लगाए हैं.
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सौरभ भारद्वाज ने पूछा कि गुजरात में गिरफ्तार पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए राघव चड्ढा ने संसद में क्यों नहीं बोला? पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र पर हमले के मुद्दे पर भी उन्होंने कोई पहल क्यों नहीं की? भारद्वाज ने कहा कि संसद का सीमित समय गंभीर मुद्दों के लिए है, लेकिन चड्ढा इस दिशा में सक्रिय नहीं दिख रहे.
"राघव, तुम डर गए हो..."
अनुराग ढांडा ने तो और भी तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा, "राघव, तुम डर गए हो. मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हो. जो डर गया, वो देश के लिए क्या लड़ेगा?"
ढांडा ने तंज कसते हुए कहा कि पार्टी को मिलने वाला थोड़ा समय देश बचाने में लगना चाहिए, न कि छोटे-मोटे मुद्दों जैसे एयरपोर्ट कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने में.
ढांडा ने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल में वोट का अधिकार छीने जा रहे हैं, लेकिन चड्ढा ने CEC के खिलाफ प्रस्ताव पर साइन करने से इनकार कर दिया. जब पार्टी वॉकआउट करती है तब भी वे सदन में बैठे रहते हैं.
पद से हटाने के बाद बढ़ा विवाद
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर राघव चड्ढा को सदन में पार्टी के उप-नेता पद से हटाने की मांग की. उनके स्थान पर पंजाब के सांसद अशोक मित्तल का नाम प्रस्तावित किया गया. पत्र में यह भी कहा गया कि चड्ढा को पार्टी के निर्धारित समय कोटे से बोलने का मौका नहीं दिया जाए.
राघव चड्ढा का जवाब
इन आरोपों के बीच राघव चड्ढा ने एक वीडियो जारी कर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि उनकी खामोशी को कमजोरी या हार नहीं समझा जाना चाहिए. हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर आरोपों का जवाब नहीं दिया, लेकिन संकेत दिया कि वह सही समय पर अपनी बात रखेंगे.
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