जेल में बंद अरविन्द केजरीवाल को एक और बड़ा झटका, पीए बिभव किए गए बर्खास्त, जानिए पूरा मामला

शुभम गुप्ता

• 05:42 PM • 11 Apr 2024

तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का बुरा दौर जारी है. एक जगह उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट की तरफ से झटका मिला है तो वहीं विजिलेंस डिपार्टमेंट ने उनके निजी सचिव बिभव कुमार को सेवाओं से बर्खास्त कर दिया है.

Arvind Kejriwal's PS Bibhav Kumar to challenge his termination before CAT: Sources
Arvind Kejriwal's PS Bibhav Kumar to challenge his termination before CAT: Sources
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तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का बुरा दौर जारी है. एक जगह उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट की तरफ से झटका मिला है तो वहीं विजिलेंस डिपार्टमेंट ने उनके निजी सचिव बिभव कुमार को सेवाओं से बर्खास्त कर दिया है. बता दे कि दिल्ली के कथित शराब घोटाले में ED आम आदमी पार्टी के अन्य नेताओं की तरह बिभव कुमार से भी कई बार पूछताछ कर चुकी है. इस मामले में ईडी द्वारा भिबाव से कई बार पूछताछ के बाद उनपर कार्रवाई की गई है.

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क्यों हटाए गए केजरीवाल के पीए?

बिभव की तत्काल प्रभाव से सेवाएं बर्खास्त करने के पीछे का कारण उनकी नियुक्ति के समय उचित प्रक्रियाओं का पालन ना करना बताया गया है. विजिलेंस डिपार्टमेंट ने बिभव की बर्खास्तगी के लिए उनके खिलाफ दर्ज FIR को कारण बताया है. उनपर सरकारी काम में हस्तक्षेप और शिकायतकर्ता को गाली/धमकी देने का आरोप भी है.

ED ने बिभव से की थी पूछताछ

सोमवार को ईडी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पीए बिभव कुमार से कथित शराब घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ की थी. ईडी के अधिकारियों ने बताया कि बिभव ने अपने मोबाइल नंबर का आईएमईआई सितंबर 2021 से जुलाई 2022 के बीच 4 बार बदला था और उनका बयान पीएमएलए के नियमों के मुताबिक दर्ज किया जा रहा है. 

बिभव के हटाए जाने पर क्या बोली बीजेपी?

बिभव कुमार की सेवाओं को टर्मिनेट किए जाने पर बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने कहा कि 'केजरीवाल के निजी सचिव बिभव कुमार को हटाया जाना एक आवश्यक कदम था, एक तो उनकी नियुक्ति गैर क़ानूनी थी , दूसरा वो भ्रष्टाचार के मामलों में जाँच के दायरे में थे और तीसरा व सबसे महत्वपूर्ण वो जेल में बंद केजरीवाल के इशारे पर साक्ष्य मिटाने और गवाहों को प्रभावित करने का काम कर सकते थे . उनको हटाये जाने का कदम निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित करने में सहायक होगा'

क्या है शराब घोटाला?

जुलाई 2022 में दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना को दिल्ली सरकार द्वारा बनाई नई आबकारी नीति पर एक रिपोर्ट दी गई जिसमें नीति में अनियमितताओं का दावा किया. ये रिपोर्ट  मुख्य सचिव नरेश कुमार ने दी थी. इस रिपोर्ट में आबकारी मंत्री मनीष सिसोदिया पर आरोप लगाए गए कि उन्होंने शराब विक्रेताओं को लाइसेंस देने के बदले कमीशन और रिश्वत ली.

इस मामले में कथित भ्रष्टाचार के लिए 26 फरवरी 2023 को मनीष को सीबीआई ने गिरफ्तार किया. इस मामले में 21 मार्च को अरविंद केजरीवाल को कथित शराब घोटाले में नाम आने के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था.